धामपुर (बिजनौर)। डीएम ने शिकायतों के निस्तारण में कोताही बरतने पर लेखपालों और कानूनगो को आड़े हाथ लेते हुए गुणवत्तापरक ढंग से फरियादियों की समस्या समाधान के निर्देश दिए। हिदायत देते हुए कहा कि यदि शिकायतों की जांच में हेराफेरी पकड़ में आई तो संबंधित हलके के लेखपाल और कानूनगो को बख्शा नहीं जाएगा। समाधान दिवस में फरियादियों ने आरोप लगाया कि बार बार शिकायत करने के बाद भी राजस्व कर्मी मौके पर जाकर समस्या का निस्तारण नहीं करते हैं।
मंगलवार को डीएम अटल कुमार राय की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में फरियादियों का तांता लग गया। अधिकारियों की टेबिल पर शिकायतों का अंबार लग गया। इस दौरान 150 फरियादियों ने शिकायतें दर्ज कराई। मौके पर सिर्फ छह शिकायतों का ही निस्तारण हो सका। फरियादियों का आरोप है कि राजस्व कर्मी शिकायतों के निस्तारण को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं । मौके की जांच किए बगैर ही राजस्व कर्मी हवाहवाई शिकायत का निस्तारण कर उच्चाधिकारियों के सामने रिपोर्ट प्रेषित कर देते हैं। इस पर डीएम ने सदन में कई लेखपालों को आड़े हाथ ले लिया। डीएम ने राजस्व कर्मियों को हिदायत देते हुए कहा कि शिकायतों की जांच में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फरियादियों का आरोप है कि दूरदराज के गांव में श्रावस्ती मॉडल का भी कोई लाभ नहीं मिल रहा है। राजस्व विभाग शिकायत करने पर भी भूमियों को कब्जा मुक्त नहीं कर रहा है। आरोप है कि पीली बांध जलाशय की भी हजारों बीघा भूमि पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर रखा है। टीम मौके पर जाती है, लेकिन जमीन की पैमाईश करने के बाद वापिस आ जाती है। इस मौके पर एसडीएम आजाद भगत सिंह, तहसीलदार भान सिंह सहित तहसील क्षेत्र के थाने व कोतवाली प्रभारी मौजूद रहे।