बिजनौर। मतदान में वोट प्रतिशत बढ़ाना भी प्रत्याशियों के लिए एक चुनौती से कम नहीं है। अब तक जिले में निकाय चुनाव से ज्यादा मतदान ग्राम पंचायत चुनाव में होता आया है। बीते साल जिले में कई नगर पालिकाओं में तो मतदान प्रतिशत 60 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच पाया था। ऐसे में यह भी मायने रखता है कि प्रत्याशी अपने वोटरों को बूथ तक लाने में कितना सफल होते हैं।
निकाय चुनाव में प्रचार का आखिरी दौर शुरू हो गया है। चुनाव में प्रत्याशी वोटरों को अपने पाले में लाने के लिए साम, दाम, दंड, भेद सारे रास्ते अपना रहे हैं। पिछले साल जिले के निकाय चुनाव में जिले में 61.36 प्रतिशत मतदान हुआ था। नगर पालिकाओं के मुकाबले नगर पंचायतों में अधिक मतदान हुआ था। कई नगर पालिकाओं में तो 60 प्रतिशत तक मतदान भी नहीं हुआ था, जबकि 2015 के अंत में हुए ग्राम पंचायत चुनाव में जिले में 80 प्रतिशत तक मतदान हो गया था। सुबह से ही वोटरों की भीड़ बूथों पर लग जाती थी। निकाय चुनाव में प्रत्याशियों का लक्ष्य भी अधिक से अधिक मतदान प्रतिशत बढ़ाना है। एक एक वोटर को बूथ तक लाने के लिए प्रत्याशियों को कड़ी मेहनत करनी होगी।
नगर पालिका 2012 में मतदान प्रतिशत
बिजनौर 54.70
हल्दौर 69.35
किरतपुर 56
नजीबाबाद 51
नगीना 60.70
धामपुर 59
शेरकोट 59.20
अफजलगढ़ 66
स्योहारा 55.25
नूरपुर 61
चांदपुर 51.62
नहटौर 61.01
नगर पंचायत
मंडावर 62.97
झालू 72.37
जलालाबाद 66.90
साहनपुर 67.90
बढ़ापुर 60.50
सहसपुर 69