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बारिश से धान की फसल जमीन पर बिछ़ी

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बिजनौर/गजरौलाशिव। लगातार करीब 32 घंटों से हो रही बारिश अब धान की फसल बोने वाले किसानों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। बारिश के साथ आए हवा के झोंकों से धान की फसल गिर गई है। इससे धान की फसल के उत्पादन में गिरावट आना तय है। पिलछे 32 घंटों में करीब 139 एमएम बारिश पड़ चुकी है। इसमें से 119 एमएम बारिश पिछले करीब 24 घंटों शनिवार दोपहर दो बजे तक हुई है। एक मकान की छत व एक की दीवार लगातार हो रही बारिश और तेज हवा से गिर गई। हालांकि बारिश से मौसम खुशगवार हो गया है।
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शुक्रवार सुबह करीब सात बजे शुरू हुई बारिश पूरा दिन, पूरी रात पड़ने के बाद शनिवार को भी जारी रही। बारिश ने मौसम में ठंडक घोल दी है । गन्ने की फसल के लिए बारिश वरदान बताई जा रही है। बारिश से पारा शनिवार को भी गिरा रहा। लेकिन धान बोने वाले किसानों के लिए बारिश मुसीबत बन गई है। जिले भर के खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है।
जबर सिंह, मेहर सिंह आदि का कहना है कि धान की फसल में दाना पड़ चुका है। ऐसे में हवा के हलके झोंके से भी फसल गिर जाती है। फसल के गिरने से उत्पादन घट जाएगा और उनको नुकसान उठाना पड़ेगा। गन्ने की फसल भी गिर गई है। लेकिन उससे किसानों को ज्यादा नुकसान नहीं होता है। वहीं बारिश से गांव झलरा निवासी शाहजहां के कच्चे मकान की दीवार शनिवार को भरभराकर गिर गई। शाहजहां अपने परिवार के साथ अब भी कच्चे मकान में ही रहने को मजबूर है। झलरा के ही रतन सिंह के कच्चे मकान की छत भी शनिवार को गिर गई। छत गिरने के समय कोई कमरे में नहीं था, वर्ना बड़ा हादसा हो सकता था। रतन सिंह ने परिवार सहित अपने भाई सौनाथ सिंह के घर में शरण ली है। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा का कहना है कि आर्द्रता अधिक होने के कारण अभी और बारिश होने की संभावना है।
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जिला कृषि अधिकारी डा.अवधेश मिश्र के अनुसार किसान धान की फसल से हुए नुकसान की जानकारी ऋण देने वाले बैंक व विभाग को देंगे। उसके बाद विभाग द्वारा सर्वे किया जाएगा।
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बाल बाहर न आने वाले धान को वर्षा से नुकसान
नींदडू़ 23 सितंबर। वर्षा से जन सामान्य को शिद्दत की गर्मी से राहत मिलने के साथ गन्ने की फसल को जबरदस्त लाभ ह आ है, लेकिन बाल बाहर नहीं निकलने वाले धान के पौधों को अपेक्षाकृत नुकसान हुआ है।
पूर्व प्रधान एवं बड़े किसान गुलजार अहमद तथा अरशद अली ने शुक्रवार से हो रही हल्की वर्षा को खेतों में खड़ी गन्ने की फसल के लिए बहुत अधिक लाभकारी बताया। उनका कहना है कि सितंबर की बारिश खेत में खड़ी गन्ने की फसल को तेजी से बढ़ाती है। धान की वह फसल जिसकी बालें बाहर निकल आई हैं, के लिए भी बारिश फायदेमंद है, लेकिन तेज हवा से गिरे गन्ने और धान के अलावा उस धान को थोड़ा नुकसान हुआ है, जिसकी बालें अभी गाभ से बाहर नहीं आई हैं। उधर, उरद और इस महीने में बोय गए चारे को भी कुछ हद तक नुकसान हुआ है।
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बारिश से धान उड्द की फसल को भारी नुकसान
नूरपुर। दो दिन से हो रही बारिश किसानों के लिए राहत के साथ आफत भी लेकर आई है। एक ओर बारिश से जहां सूख रही गन्ने की फसल को संजीवनी मिली है, वहीं धान व उड़द की फसल को बारिश से काफी नुकसान हुआ है।
शुक्रवार की सुबह से हो रही बारिश शनिवार को भी रुक- रुककर पड़ती रही। बारिश से एक ओर जहां सिंतंबर के अंतिम सप्ताह में भी पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली वहीं धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। बारिश के साथ चली हवा के कारण किसानों की धान की फसल जमीन पर गिर गई। खासकर शरबती की फसल तो पूरी तरह से जमीन पर बिछ गई।
किसान मलखान सिंह, चौधरी शेर सिंह, अफसर अली, सलीम अहमद आदि का कहना है कि धान की फसल के जमीन पर गिरने से उसमे लगभग 50 प्रतिशत की हानि होगी और बालियों में दाना कम पड़ेगा। किसानों के अनुसार धान के साथ ही अरहर, उड़द व मूंग की फसल को भी इस बारिश से नुकसान हुआ है। दलहन की फसलों पर इस समय फूल बन रहा था ।बारिश के कारण फूल जमीन पर गिर जाता है और उसमें फली नहीं बनती। गन्ने की फसल को बारिश से जरूर लाभ हुआ है।
उधर लगातार हुई बारिश के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया । बाजारों में सूनापन छाया रहा। बारिश के कारण शुक्रवार को नगर में रामलीला का मंचन भी नहीं हुआ। केवल आरती कराकर ही रामलीला संपन्न हो गई।
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पांवधाई नदी पार करते रपटे पर बहे बाइक सवार चारों को बचाए
नगीना। नगीना स्यालीपुर गांवड़ी मार्ग पर स्थित पांवधोई नदी के रपटे को पार करते समय दो अलग अलग बाइकों पर सवार एक महिला समेत चार लोग बह गए। गांव के युवकों ने चारों को सकुशल बचा लिया। बाद में दोनों की बाइकों को भी रस्सी से बाहर निकाल लिया।
क्षेत्र में लगातार हो रही तेज वर्षा के कारण खो नदी समेत क्षेत्र की अन्य नदियों का भी जल स्तर बढ़ने लगा है। दुपहर करीब दो बजे नगीना थाना क्षेत्र के गांव स्यालीपुर गांवड़ी निवासी रतनसिंह सैनी पत्नी जयबाला के साथ बाइक से नगीना से घर जा रहा था ।
पावधोई नदी के रपटे पर पानी बह रहा था । उसने पांवधोई नदी के रपटे पर पहुंचकर बाइक निकालने की कोशिश की। पानी का तेज बहाव होने के कारण दोनों बाइक समेत बह गए। शोर मचान पर मौके पर मौजूद गांव के तीन युवक पिंकी , अनिल कुमार व नागेन्द्र ने पानगी में तैरते हुए दोनों को सकुशल बाहर निकाल लिया।
इसी बीच इसी गांव निखिल अपने रिश्तेदार के साथ नगीना से गांव जा रहा था। वह भी रपटे से बाइक समेत बह गए। इन दोनों को भी युवकों ने रस्सी फेंक कर सकुशल बचा लिया।
घटना की सूचना गांव में पहुंचने पर रपटे पर भारी भीड़ जमा हो गई ग्रामवासियों ने घटना की सूचना प्रशासन को नहीं दी है। योगेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश, खूबचंद, पुष्पेन्द्र, अजीम, अनिल आदि ने प्स्त्रत्त्शामसन से रपटे की मरम्मत कराने की मांग की है।
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नदियों का जलस्तर बढ़ा
नगीना। क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा के कारण क्षेत्र की नदियों का जल स्तर बढ़ने लगा है। गांव चमरावाला में नोकी नम्बर एक व गांव तौफीकवाला में नोकी नम्बर नौ पर खो नदी भूमि कटान कर रही है।
क्षेत्र में वर्षा 139 एमएम रिकार्ड की गई है। मौसम में आर्द्रता 98 प्रतिशत रिकार्ड होने से कृषि अनुसंधान मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा ने दावा किया है कि अभी मौसम खराब रहेगा । वर्षा भी जारी रहेगी।

हीमपुर दीपा। लगातार हो रही वर्षा के कारण गांव सब्दलपुर रेहरा में गांव के बीच में बना तालाब पानी से लबालब हो गया है ।तालाब से पानी की निकासी के सारे रास्ते बंद हो जाने के कारण पानी गांव के मेन रास्ते पर आ गया। उस रास्ते के अवरुद्ध हो जाने से क्षेत्र के आधा दर्जन गांव रेहरा, मुढ़ाल, नाईपुरा, सैदाबाद, मिर्जापुर, सलेमपुर आदि से संपर्क अवरुद्ध हो गया है ।गांव के यूनुस, मुस्तकीम, मौशीन, शमीम, जहूर, रघुनाथ, वीरेंद्र, मुंशी तिरमल आदि का कहना है कि इससे पहले भी तहसील स्तर पर दो बार इस रास्ते की जांच हो चुकी है ,लेकिन प्रशासन मौन है ।ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी से पानी की निकासी की मांग की है।

किरतपुर। नगर क्षेत्र में 24 घंटों से भी अधिक समय तक लगातार हुई हल्की बारिश से सितंबर के आखिरी दिनों में हो रही उमस भरी गर्मी से लोगों को भारी राहत मिली है। पर गन्ने की फसल को आशातीत लाभ पहुंचा, लेकिन इस वर्षा से उड़द की फसल को नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। वर्षा से नगर में कई स्थानों पर जलभराव हो गया। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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