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जिले के करीब 21 हजार किसानों पर पड़ेगी अतिरिक्त ब्याज की मार

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कर्जमाफी की उम्मीद लगाए किसानों ने नहीं चुकाया ऋण
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निर्धारित अवधि बीतने के बाद 12.70 प्रतिशत की दर से चुकाना होगा ब्याज

अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
कर्जमाफी की उम्मीद लगाए जिले के 21 हजार किसानों पर अब दोहारी मार पड़ेगी। उन्होंने ऋण पर अतिरिक्त ब्याज चुकाना होगा। क्योंकि, ऋण चुकाने की निर्धारित अवधि बीत चुकी है। सहकारिता विभाग ने ऋण चुकाने की समय सीमा बीतने के बाद किसानों को बकाएदार घोषित कर दिया है। अब इन किसानों को तीन प्रतिशत के स्थान पर 12.70 प्रतिशत की दर से ब्याज चुकाना होगा। उधर, सहकारिता विभाग की इस कार्रवाई से जहां किसानों में आक्रोश है। वहीं, गुस्साए किसानों को भारतीय किसान यूनियन का साथ मिल गया है। भाकियू सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करेगी।
बीजेपी ने किसानों के ऋण को चुनावी मुद्दा बनाया था। बीजेपी ने घोषणा की थी कि यूपी में बीजेपी की सरकार बनती है, तो किसानों के कर्ज को माफ कर दिया जाएगा। यूपी में बीजेपी की सरकार बनते ही किसानों के कर्जमाफी की कवायद शुरू हुई। सरकार ने प्रशासन से कर्जदार किसानों का ब्योरा तलब किया। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले के करीब 44 हजार किसानों पर सहकारिता विभाग का करीब 97 करोड़ का कर्जा था। इसमें 52 प्रतिशत किसान ने निर्धारित अवधि के अंदर कर्ज को चुका दिया। जबकि, 48 प्रतिशत किसान कर्जमाफी की आस लगाए बैठे रहे। वहीं, किसानों ने कर्जमाफी की उम्मीद में ऋण जमा नहीं किया। इसी बीच सहकारिता विभाग के ऋण को चुकाने की अंतिम तिथि 30 जून बीत गई। अब इन किसानों पर अतिरिक्त ब्याज की मार पड़ेगी। सहकारिता विभाग अब इन किसानों से 12.70 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूलेगा। उधर, सहकारिता विभाग ने सभी 48 प्रतिशत किसानों को बकाएदार घोषित कर दिया है।
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भाकियू करेगी धरना-प्रदर्शन
भारतीय कियान यूनियन भानू गुट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि किसानों पर अतिरिक्त ब्याज की मार नहीं पड़ने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्जमाफी की उम्मीद में किसानों ने ऋण जमा नहीं किया। इसलिए सरकार से मांग की जाएगी कि ऐसे किसानों को बकाएदारों की श्रेणी से बाहर किया जाए। ऐसा नहीं होने पर भाकियू सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करेगी।

9800 किसानों का होगा कर्ज माफ
कर्जमाफी के दायरे में जिले के 9800 किसान ही आए हैं। सरकार इन किसानों का 20 करोड़ 71 लाख रुपए माफ करेगी। वहीं, जो किसान कर्जमाफी के चुने गए हैं उन्हें अपने खाते आधार कार्ड से लिंक कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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सहकारिता विभाग का नियम है कि किसानों को तीस जून तक ऋण चुकाना होता है। जिन किसानों ने निर्धारित अवधि तक कर्ज नहीं चुकाया है वह स्वत: ही बकाएदार की श्रेणी में आ जाते हैं। जिले के करीब 48 प्रतिशत किसान बकाएदार की श्रेणी में आ गए हैं। अब इन किसानों को 12.70 प्रतिशत ब्याज की दर से वसूली करने का प्रावधान है।
- कावेंद्र सिंह, एआर कॉआपरेटिव
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