शिवभक्त जोश के साथ बढ़ रहे गंतव्य की ओर
नजीबाबाद। हर-हर महादेव के जयकारों और कांवड़ में गंगाजल भरके सरीखे भजनों के साथ कांवड़िए नाचते-गाते अपने क्षेत्र के शिवालय में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक को आगे बढ़ रहे हैं। स्वयंभू मोटा महादेव प्राचीन मंदिर में भगवान आशुतोष को पहला जलाभिषेक कर कांवड़िये बाबा भैरोनाथ का सोठा लगवाकर कांवड़ यात्रा की थकान दूर कर रहे हैं।
महाशिवरात्रि पर्व पर शिवभक्तों के जत्थे हरिद्वार से रंग-बिरंगी और आकर्षक कांवड़ों के साथ स्वयंभू मोटा महादेव सिद्धपीठ प्राचीन मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में प्रशासन की कड़ी सुरक्षा के बीच शिवभक्त पंक्तिबंद्ध होकर भगवान नीलकंठ महादेव का पहला जलाभिषेक कर उनसे सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। बाबा भैरोनाथ मंदिर पुजारी शशिनाथ, पंडित अनुज, पंडित चंचल का कहना है कि प्राचीन समय से मान्यता है कि हरिद्वार से शिवभक्त कांवड़िए गंगाजल से स्वयंभू मोटा महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का पहला जलाभिषेक करते हैं और बाबा भैरोनाथ का सोठा लगवाकर अपने गंतव्य को बढ़ते हैं। मान्यता है कि हरिद्वार से कांवड़ लाने वाले शिवभक्त भैरोनाथ का सोठा जब-तक नहीं लगवाते तब-तक उनकी कांवड़ यात्रा पूरी नहीं होती। भगवान भैरोनाथ का सोठा लगवाने के बाद हरिद्वार से कांवड़ लाने वाले शिवभक्तों की थकान दूर हो जाती है। शिवभक्त कांवड़ियों अर्जुन, कैलाश, मनोज, राहुल, दिनेश, रामस्वरूप, गोपाल, मदन, रामनाथ आदि का कहना है कि भगवान भोले शंकर के पहले जलाभिषेक, बाबा भैरोनाथ के दर्शन और उनका सोठा लगवाने से कांवड़ यात्रा की थकान तो दूर होती ही है साथ-साथ अपने क्षेत्र के शिवालयों तक पहुंचने शक्ति मिलती है।
महाशिवरात्रि पर्व पर स्वयंभू मोटा महादेव मंदिर के आसपास शिवभक्त कांवड़ियों की सेवार्थ शिविर लगाए हैं। वहीं मंदिर परिसर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ.संदीप कुमार, लेखपाल कुंभकरण की देखरेख में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाकर शिवभक्तों की सेवा जारी है।