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एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम

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मैं वीर सपूतों का इतिहास सुनाने आया हूं...
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बिजनौर। संस्कार भारती की ओर से भरतमुनि जयंती पर आयोजित ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सर संघ चालक माधवराव सदाशिव गोलवलकर और संत रविदास की जयंती मनाकर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
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डीएवी इंटर कॉलेज में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जेलर आकाश शर्मा, विशिष्ट अतिथि डिप्टी जेलर हेमराज सिंह, सुमन चौधरी, कार्यक्रम अध्यक्ष हुक्का बिजनौरी ने मां सरस्वती एवं नटराज प्रतिमा के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संस्कार भारती के संगीत विद्या प्रमुख दीपक कुमार ने सरस्वती वंदना और संजीव एकल ने नटेश्वर पूजन किया। मुख्य अतिथि ने तेरे दीपक की लौ कम न हो, ए वतन-ए वतन पेश कर पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। विशिष्ट अतिथि ने सैनिकों के सम्मान में काश लेखनी बंदूक बन जाती, बहुत हो चुकी शांति वार्ता, अब ये सही नहीं जाती प्रस्तुत किया। कवि हुक्का बिजनौरी ने अपने चिर परिचित अंदाज में वीर रस की कविताएं सुनाई। उन्होंने कहा कि हम शांति की मयान में तलवार रखते हैं, हम नाव में संगीन की पतवार रखते हैं। जिला संयोजक संदीप शर्मा दीप अंजुम ने तुम्हारे लहू का हर एक कतरा, जहां भी देखो उबल रहा है, कैसे होगा ये कर्ज चुकता हर एक दिल ही मचल रहा है। दीप अंजुम ने पुलवामा के शहीदों को साहित्य और संगीत के माध्यम से श्रद्धांजलि दी गई। हारमोनियम महेंद्र गिरि और ढोलक पर दीपक दीवाना ने संगत की। संचालन संदीप शर्मा दीप अंजुम ने किया। इस अवसर पर विकास अग्रवाल, अनुज चौधरी, वैभव गुप्ता, मनिंदर कुमार, दीपक गुप्ता, दिनेश शर्मा, विवेक कुमार, धर्मेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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