जान जोखिम में डालकर हो रहा मालगोदाम क्रॉसिंग से आवागमन
नजीबाबाद। मालगोदाम रेलवे क्रॉसिंग पर मां-बेटे की रेल से कटकर मौत के बावजूद विद्यार्थियों और क्षेत्र के लोगों का आवागमन जारी है। मालगोदाम क्रॉसिंग पर दो दशक से फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग की जा रही है।
मालगोदाम रेलवे क्रॉसिंग से आदर्शनगर, सुभाषनगर, सावित्री कॉलोनी सहित शेखपुरगढ़ू सहित नजीबाबाद-बुंदकी और कोतवाली मार्ग के दर्जनों गांव के विद्यार्थियों और ग्रामीणों का नगर क्षेत्र के लिए आवागमन होता है। नगर में आने जाने के अन्य रास्ते और फ्लाईओवर दूर होने के कारण लोग जोखिम उठाकर मालगोदाम रेलवे क्रॉसिंग से आवागमन करते हैं। क्षेत्रीय नागरिकों पूर्व प्रधान प्रभा शर्मा, पूर्व डीजीसी हरपाल सिंह, कुंदन सिंह, इंद्रदेव शर्मा, खेम सिंह, राजेंद्र त्यागी, शशीकला राजपूत सहित क्षेत्र के नागरिकों सहित करीब दो दशक से जनहित में मालगोदाम रेलवे क्रॉसिंग पर फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग कर रहे हैं। रेलवे और प्रदेश सरकार एक-दूसरे की फ्लाईओवर बनाने का तर्क देकर उदासीन रवैया अपना रहे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने रेलवे के डीआरएम, महाप्रबंधक से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक जनहित में मालगोदाम रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर बनाने की आवाज उठाई। हाल ही में प्रधानमंत्री कार्यालय की सख्ती के बाद रेलवे हरकत में आया है लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मालगोदाम क्रॉसिंग पर हुईं कई घटनाएं
नजीबाबाद। मालगोदाम रेलवे क्रॉसिंग पर रविवार को ट्रेन से कटकर मंडावली क्षेत्र के मां-बेटे की मौत हुई थी। अफसाना अपने दो पुत्रों और सास नाजमा के साथ बढ़ापुर से आ रही थी तभी अफसाना और उसका तीन वर्षीय पुत्र असद ट्रेन की चपेट में आ गए। जबकि सास और एक पुत्र बाल-बाल बच गए। पूर्व में भी मालगोदाम रेलवे क्रॉसिंग पर कई हादसे हो चुके हैं।