जिले में गेहूं की नई प्रजातियों ने दी दस्तक
बिजनौर। जिले में गेहूं की कई नई प्रजातियों ने दस्तक दी है। किसानों में कम रकबे में अधिक पैदावार देने वाली नवीनतम प्रजातियों का बीज लेने के लिए होड़ मची है। किसानों ने शासन द्वारा तय अधिकतम सीमा को नाकाफी बताते हुए बढ़ाने की मांग की है।
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार शासन ने रबी की फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए अभियान शुरू किया है। शासन की मंशा है कि कम रकबे में अधिक पैदावार हो तथा फसलों के उत्पादन में विविधता आए। गेहूं की बुवाई शुरू हो गई है और 25 दिसंबर तक होनी है। जिले में इस बार गेहूं की कई नई प्रजातियों का बीज मंगवाया गया है। जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक डब्लूएच 1124 और एचडी3086 एक दम नई प्रजातियां हैं। दोनों पहली बार जिले में आई हैं। प्रजाति 3086 बीज निगम बरेली से आई है जबकि 1124 जिले के राजकीय कृषि फार्म पर कृषि वैज्ञानिकों की निगरानी में तैयार हुई है। दोनों बीजों का उत्पादन 50 क्विंटल से 55.60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। नवीन प्रजातियों समेत सात प्रजातियों का बीज राजकीय कृषि बीज बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध है। एक किसान को अधिकतम दो क्विंटल बीज मिल सकता है।
ये प्रजातियां है उपलब्ध
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार राजकीय कृषि बीज केंद्रों पर एचडी 2967, डब्लूएच 1124, एचडी3086, डब्लूएच 1105, डब्लूएच 90, डब्लूएच 88 व राज 4120 प्रजातियों के बीज उपलब्ध हैं। जिले को कुल 5000 क्विंटल बीज मिला है। किसान को दी जाने वाली बीज की मात्रा तय है। बीज पर 60 प्रतिशत छूट है। डब्लूएच 90 व 1124 लोगों प्रजाति का बीज है। यह 25 दिसंबर तक बोया जा सकता है। बाकी प्रजातियां 25 नवंबर तक बोई जाएंगी। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार जिले में पिछले साल एक लाख 53 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं था। जिले में लघु व मध्यम श्रेणी के किसान हैं। किसान गन्ना काटकर गेहूं बोता है। इस साल चीनी मिल पिछले साल के मुकाबले 15 दिन देरी से चली हैं। कुछ चीनी मिल अभी चली भी नहीं हैं। इसलिए गेहूं बुवाई के रकबे पर असर पड़ सकता है।