अमरोहा। देेशभर में फैल रहे खतरनाक वायरस निपाह से स्वास्थ्य विभाग कैसे निपटेगा। चूंकि अभी तक न तो इसकी दवा है और ही उसकी जांच के उपकरण हैं। सवाल यह है कि यह कैसे पता चलेगा कि यह व्यक्ति निपाह पीड़ित है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस वायरस के पीड़ित मरीज अभी नहीं पहुंच रहे हैं। बावजूद इसके विभाग द्वारा अलर्ट जारी कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो निपाह चमगादड़ व सुअरों के साथ-साथ गले-सड़े फलों से निकले वाला वायरस होता है। इसकी चपेट में आने से इंसान को एकदम तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टियां, दिमाग पर सूजन, बेहोशी जैसी हालत हो जाती है। हालांकि अभी तक इस तरह को कोई केस सामने नहीं आया है, लेकिन दक्षिण भारत मे इस वायरस का खौफ तेजी के साथ फैल रहा है। उसी के मद्देनजर शासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट जारी करते हुए मरीजों को इसके प्रति जागरूक करने क आदेश जारी किया गया। आदेश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्क बढ़ाते हुए अलर्ट जारी करते हुए सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं। खास बात है कि अगर यह वायरस यहां पर पहुंच गया तो उसकी जांच कैसे होगी। चूंकि न हो स्वास्थ्य विभाग के पास इसकी कोई दवा है और ना ही इसकी जांच कर पुष्टि करने की व्यवस्था है। ऐसे में अगर कोई इससे पीड़ित मरीज पहुंच भी जाएं तो उससे समझ पाना बेहद मुश्किल होगा।
निपहा एक वायरस है। जो इनदिनों दक्षिण भारत में तेजी के साथ फैल रहा है। हालांकि अभी तक अपनी तरफ इसका कोई असर नहीं है। खास बात है कि यह नया वायरस है। इसलिए इसकी अभी तक न कोई दवा है और न ही इसे जांचकर पुष्टि करने की कोई व्यवस्था है।
- डा. रमेश चंद्र शर्मा, सीएमओ, अमरोहा।