बिजनौर । गंगा किनारे के 21 गांवों में वन विभाग औषधीय पौधे लगवाएगा। किसानों के खेतों में मेढ़ पर ये पौधे लगाए जाएंगे। खेत में लगे पौधों को किसानों को ही गोद दिया जाएगा। गांव वालों को गंगा में कूड़ा न डालने की शपथ भी दिलाई जाएगी।
गंगा को साफ करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार से लेकर सामाजिक संगठन भी इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। प्रदेश सरकार ने गंगा किनारे पौधारोपण करने के लिए गंगा हरीतिमा योजना शुरू की है। इस योजना में बिजनौर जिले का भी चयन किया गया है। इस योजना में गंगा किनारे बसे करीब 21 जिलों का भी चयन किया गया है। इन गांवों में किसानों के खेतों की मेड़, ग्राम समाज की जमीन आदि पर औषधीय गुणों वाले 60 हजार पौधे लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि इन पौधों को किसानों को ही गोद दिया जाएगा। गांव में लगे पौधों का भी गांव वाले खुद ही ध्यान रखेंगे। इसका उद्देश्य गांव वालों को औषधीय पौधों का महत्व बताना व गंगा किनारे शुद्ध वातावरण तैयार करना है। योजना में पीपल, नीम, आम, बेल, आंवला आदि के पौधे लगाए जाएंगे।
इन गांवों में होगा पौधारोपण
गांव दारानगर, जहानाबाद, निजामतपुरा, सलेमपुर मथना, रसूलपुर, दयालवाला, बादशाहपुर, खलीउल्लापुर, खेड़की हेमराज, कुंदनपुर, मोहिदीनपुर, रफीउल्लानगर, सैफपुर, तैय्यबपुर काजी, टीप, कंवर चतरभोजपुर, बसंतपुरा, दत्तियाना आदि का चयन किया गया है। डीएफओ डा. एम सेम्मारन के मुताबिक योजना में 21 गांवों में औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। गांव वाले खुद भी पर्यावरण का महत्व जानते हैं। औषधीय पौधे लगने से गंगा किनारे वातावरण और शुद्ध होगा।