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घटतौली रोकने के लिए कांटों की सुबह शाम होगी चैकिंग

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बिजनौर । गन्ना खरीद केंद्रों पर घटतौली रोकने के लिए तौल कांटों की सुबह शाम चेकिंग होगी। डीएम ने छापामारी के लिए जिले में नौ टीम गठित की हैं। अवैध रूप से गन्ना खरीदने वालों पर रासुका लगेगा।
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इसके लिए प्रशासन ने खादर क्षेत्र में विशेष निगरानी के लिए दस्ते बनाए हैं। डीएम ने किसानों का उत्पीड़न करने वाले शुगर मिलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की हिदायत दी है। डीसीओ दफ्तर मेें कंट्रोल रूम बना दिया है।
किसानों के साथ हुई बैठक के बाद प्रशासन गन्ना खरीद केंद्रों पर घटतौली रोकने के लिए हरकत में आ गया है। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार विभाग की स्पेशल टीम क्षेत्रवार सुबह शाम तौल कांटों की चेकिंग करके रोजाना कंट्रोल रूम को देंगे। छापामारी के लिए नौ टीम बनाई गई हैं। हर टीम में हर तहसील के एसडीएम, बाट माप निरीक्षक, खांडसारी निरीक्षक, गन्ना समिति सचिव और एससीडीई शामिल हैं। सेंटरों पर मैन्युअल कांटे लगेंगे। प्रशासन को गंगा किनारे के खादर क्षेत्रों से गन्ने की अवैध बिक्री होने की शिकायत मिल रही हैं। विभाग खादर क्षेत्र पर खास निगाह रखेगा। टीम यह भी देखेगी कि खरीद केंद्रों पर अग्रिम गन्ना तो नहीं लिया जा रहा है।
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क्यों लगेगा रासुका
बिजनौर । डीसीओ ओपी सिंह के मुताबिक गन्ना राष्ट्रीय संपत्ति की श्रेणी में हैं। इसका अवैध व्यापार करने वाले सेल्स टेक्स, एंट्री टेक्स और परचेज टेक्स की चोरी कर रहे हैं। इस प्रकार सरकार को एक क्विंटल गन्ने पर करीब 107 रुपये का घाटा हो रहा है।
जिला गन्ना पेराई में टॉप हुआ
बिजनौर। जिला गन्ना पेराई में प्रदेश में टॉप हो गया है। जिले की शुगर मिल एक शुगर मिल की क्षमता के बराबर अब तक गन्ना खरीद चुकी हैं। शुगर मिल 25 नवंबर को चालू हुई थी। नौ शुगर मिल 24 नवंबर तक करीब एक करोड़ 38 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद कर चुकी हैं। सबसे अधिक 26.91 लाख क्विंटल गन्ना स्योहारा शुगर मिल ने खरीदा है। वर्ष 2014-2015 में अब तक मात्र तीन लाख क्विंटल गन्ना खरीदा गया था। डीसीओ के अनुसार शुगर मिलों ने 11,000 क्विंटल चीनी तैयार की है। वर्ष 2014-2015 में अब तक मात्र 30 हजार क्विंटल चीनी बनी थी। गन्ने की रिकवरी 11.3 प्रतिशत पहुंच गई है।

गेहूं बुआई का रकबा बढ़ा
शुगर मिलों द्वारा अब तक गन्ने की पेराई के बाद करीब 27,000 हेक्टेअर रकबा जमीन खाली हुई है। इस जमीन में किसान गेहूं की बुआई कर सकेगा। अर्ली प्रजाति का रकबा बढ़ने से जिले में गेहूं की पैदावार बढ़ेगी।
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