बिजनौर/बेगावाला/मंडावर/नगीना/बढ़ापुर। पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश ने जिले भर की नदियों में उफान ला दिया है। गंगा और मालन का जलस्तर बहुत बढ़ गया है। गंगा की तेज धारा ने कुछ ही घंटों में 100 बीघा जंगल को काटकर बहा दिया है। गंगा की लहर कटान करती हुई अब गांवों की ओर बढ़ रही है। ब्रह्मपुरी के कई घरों में भी गंगा का पानी भर गया है। रावली रपटे पर आने जाने के लिए अब नाव का सहारा लिया जा रहा है। हजारों बीघा फसल जलमग्न हैं। नदियों में उफान से गांव वालों में दहशत है। नगीना में खो नदी के उफान से नगीना-बढ़ापुर, नगीना-हरेवली मार्ग भी बंद हो गया है। जंगल में फंसे चार किसानों ने पेड़ों पर चढ़कर जान बचाई।
पहाड़ों से पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर बहुत बढ़ गया है। मंडावर में बृहस्पतिवार रात गंगा का जलस्तरी बढ़ने से नदी की धारा भी बहुत तेज हो गई है। गंगा की धारा गांव मिर्जापुर, सीमली, मीरापुर, चंद्रभानपुर किशोर व कुंदनपुर की ओर कटान कर रही है। गांव वालों का कहना है कि गंगा ने कुछ ही घंटों में 100 बीघा जंगल काटकर पानी में बहा दिया है। गंगा ने यहां पर गांवों की ओर 30 से 40 मीटर तक कटान किया है। गांव वाले खेतों में खड़ी अपनी फसलों को काट रहे हैं। मीरापुर से जंगल जाने वाले रस्ते व खेतों में काफी पानी भरा हुआ है। गंगा के कटान से गांव वाले दहशत में हैं। बालावाली में बने रेलवे पुल की ओर गंगा खतरे के निशान के पास बह रही है। वहीं गंगा का पानी बृहस्पतिवार रात गांव ब्रह्मपुरी में भर गया। गांव में दो फीट तक पानी भर गया है। विमल, भजन सिंह, शीतल, बबलू, देव, गजेंद्र, अनिल, फूल सिंह आदि के घरों में पानी भर गया है। रावली नदी के रपटे पर तीन से चार फीट तक पानी चल रहा है। पुल पार करने के लिए नाव का सहारा लिया जा रहा है। एडीएम एफआर सुरेंद्र राम, एसडीएम सत्येंद्र सिंह व तहसीलदार यदुवीर सिंह ने गांवों में जाकर स्थिति का जायजा लिया।
एडीएम एफआर सुरेंद्र राम का कहना है कि पानी अब उतार पर है। हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। गांव वालों की पूरी मदद की जाएगी। मध्य गंगा बैराज के एक्सईएन शरद सौरभ गिरि का कहना है कि गंगा में एक लाख 33 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। दो लाख 19 हजार क्यूसेक पानी पर खतरे वाली स्थिति आती है।
मार्गों पर बह रहा चार फीट तक पानी
नगीना। खो नदी का जलस्तर बढ़ने से नगीना-बढापुर, नगीना-हरेवली मार्गों पर चार फीट तक पानी चल रहा है। इन मार्गों पर यातायात बंद हो गया है। गांव जग्गूवाला, चमरावाला, तौफीकवाला, इस्लामाबाद में बाढ़ का पानी घरों में घूस गया है। सूचना मिलते ही एसडीएम उमेश कुमार मिश्र, सीओ ब्रजपाल सिंह प्रभावित गांव में पहुंचे और लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए। चमरावाला के किसानों प्रधान शकुंतला देवी, अवधेश कुमार, नवरत्न सिंह, तौफीकवाला के प्रधान रणवीर सिंह, आदेश चौहान ने बताया कि किसानों की खो नदी में बाढ़ आने से हजारों बीघा भूमि जलमग्न हो गई है।
वहीं गांव इस्लामाबाद निवासी किसान 65 वर्षीय मालिकचंद, 50 वर्षीय गुरुबख्श, युवक संजू, रवि वर्ष अचानक खो नदी में पानी बढ़ जाने से जंगल में फंस गए। उन्होंने एक पेड़ पर चढ़कर जान बचाई। ढाई घंटे बात जब पानी की रफ्तार कम हुई तो पेड़ों की शाखाओं से दूसरे पेड़ों पर चढ़ते हुए ये गांव पहुंचे।
उधर, बढ़ापुर की नदियों का जलस्तर पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली वर्षा पर निर्भर है। मैदानी व पहाड़ी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार वर्षा के चलते बढ़ापुर की नदियां उफान पर आ गई हैं। बढ़ापुर के पश्चिम दिशा में बहने वाली नकटा नदी व उत्तर दिशा की पहाड़ा नदी का जल स्तर बढ़ने पर सारंगवाला, जमालपुर ढ़ीकली, नूरपुर अरब, मुकंदपुर राजमल, तारापुर, कुंजेटा, चिल्किया, जहानाबाद खोबड़ा, इस्लामगढ़, बरखेड़ा, सादातपुर गढ़ी, भाउवाला, शाहलीपुर कोटरा व गोपीवाला, कोटज्वाना, काशीवाला, बहेड़ी, सरदारपुर, चकउदयचंद, रामजीवाला व काशीवाला आदि का बढ़ापुर से संपर्क कटा गया है। खो नदी के उफान ने ऐसा विकराल रूप धारण किया कि खो नदी का पानी रास्ता बदलकर समीप के गांवों सारंगवाला, जमालपुर ढ़ीकली, मोहिद्दीनपुर व इस्लामाबाद में जा घुसा। खो नदी के पानी के तेज बहाव के साथ बढ़ापुर-नगीना मार्ग पर कई किमी. तक अपना कब्जा जमा लेने पर सुबह से ही मार्ग पर पैदल और वाहनों का आवागमन ठप हो गया। खो नदी का पानी का गांव मोहिद्दीनपुर में घुसने से गांव वालों ने घर की छतों पर शरण ली।