1100 पशु आए लंपी रोग की चपेट में
नांगलसोती/नजीबाबाद। क्षेत्र के पशुओं में लंपी रोग तेजी से फैल रहा है। एक दर्जन से अधिक गांवों में करीब 1100 पशु इस रोग की चपेट में आ चुके हैं।
नांगलसोती, महमसापुर, हरचंदपुर, लालपुरमान, मायापुरी, सौफतपुर आदि गांवों में पशु इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं। महमसापुर निवासी श्यामसुंदर, अजय, देवेंद्र, रामधन, सुभाष शर्मा के पशु इस रोग से मरणासन्न अवस्था में हैं।
नांगलसोती पशु चिकित्सा केंद्र के प्रभारी डॉ. अंकित चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में रोग से पीड़ित पशुओं के कई मामले सामने आए हैं। इस रोग का अभी कोई टीका उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन पशुओं में इस रोग के लक्षण देखे जाने पर उपचार किया जा रहा है। पशु चिकित्सक गांव-गांव जाकर पशुपालकों को इस रोग के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
लंपी स्किन रोग के लक्षण
- पशु चिकित्सक डॉ. अंकित चौधरी ने बताया कि यह रोग संक्रामक रोग है, जो मच्छरों, मक्खियों, चिचड़ी आदि कीटों से फैलता है। इसके अलावा दूषित पानी, लार एवं चारे के माध्यम से भी पशु इस रोग से पशु संक्रमित हो सकते है। पशुओं में बुखार आना, आंखों एवं नाक से स्राव, मुंह से लार निकलना, पूरे शरीर में गांठों जैसे नरम छाले पड़ना, दूध उत्पादन में कमी आना और भोजन करने में कठिनाई आदि लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसा होने पर पशु चिकित्सक से तुरंत पशु का उपचार कराएं।
लंपी स्किन रोग से बचाव के उपाए
- पशुओं को खुले में न बांधे
- मच्छरों के प्रकोप से बचाएं
- पशुशाला में साफ-सफाई रखें
- पशुशाला में कीटनाशक छिड़कें
-बीमार को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें।
कोट
-लंपी स्किन रोग पशुओं में फैलने का मामला संज्ञान में है। पशुओं में इस बीमारी के लक्षण मिलने पर तुरंत पशु चिकित्सक को सूचित करें और पशु का उपचार कराएं।
- डॉ. बिजेंद्र सिंह बालियान, मुख्य पशु चिकित्सक।