बिजनौर में बाढ़ प्रवाहित क्षेत्र में डूबी गन्ने की फसल। फाइल फोटो
- जिले में कुल 2953 हेक्टेयर फसल का बाढ़ से हुआ नुकसान
-प्रशासन ने किसानों का डाटा फीड किया, सीधे खाते में आएगी रकम
6.5 करोड़ रुपया शासन से बजट मांगा गया
17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेगा मुआवजा
02 हेक्टेयर का अधिकतम एक किसान को मिलेगा मुआवजा
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किसान सबसे ज्यादा चांदपुर तहसील क्षेत्र के प्रभावित
रजनीश त्यागी
बिजनौर। बाढ़ से नुकसान का आकलन पूरा हो चुका है। जिले के 10925 किसानों को मुआवजे की श्रेणी में रखा गया है। वहीं, नुकसान की बात करें तो कुल 2953 हेक्टेयर फसल बाढ़ से प्रभावित होना माना गया है। प्रशासन ने मुआवजे के लिए साढ़े छह करोड़ रुपये का बजट शासन से मुआवजा देने के लिए मांगा है। किसानों के खाते में सीधे मुआवजे की धनराशि भेजी जाएगी।
जिले में 16 नदियां हैं। इसमें सबसे ज्यादा गंगा, खो, बनैली, रामगंगा नदी में सबसे ज्यादा बाढ़ आईं। चांदपुर तहसील बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित रही। इसके अलावा नगीना और धामपुर में भी बाढ़ का असर रहा। काफी दिनों का बाढ़ का पानी खेतों में भरा रहा, जिससे फसलें भी प्रभावित हुई। सर्वे हुआ तो करीब 2953 हेक्टेयर फसल में 33 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान होना पाया गया।
प्रशासन ने सर्वे के बाद डाटा फीड करके रिकॉर्ड शासन को भेज दिया है। कुल 10925 किसानों को मुआवजा देने के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें चांदपुर में 5972 किसान, धामपुर के 4966 और नगीना के 687 किसानों को मुआवजा दिए जाने के लिए चयनित किया गया।
सीधे खाते में जाएगी रकम: एडीएम
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि शासन से 6.5 करोड़ का बजट मुआवजा देने के लिए मांगा गया है। यदि यह बजट कम पड़ता है तो दोबारा बजट की मांग की जाएगी। मुआवजे की धनराशि किसानों के खाते में सीधे जाएगी। इसके लिए उनके बैंक खाते का रिकॉर्ड भी तैयार किया गया है। मुआवजा 17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मिलेगा। एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर का मुआवजा मिलेगा।
सबसे ज्यादा गन्ना और धान को नुकसान
जिस समय बाढ़ आई थी, उस समय खेतों में गन्ना छोटा था। खेतों में धान की फसल भी खड़ी थी। चांदपुर समेत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गन्ना पूरी तरह भी खराब हो गया, धान की फसल भी डूब गई थी। आंकड़ों पर नजर डालें तो चांदपुर में 2038 हेक्टेयर फसल बाढ़ से प्रभावित हुई है। इसके अलावा धामपुर में 714 हेक्टेयर और नगीना में 201 हेक्टेयर फसल को बाढ़ में 33 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है।
ऐसी नदियां, जिनमें हर साल आती है बाढ़
इस साल हर नदी में उफान आया था। गंगा, मालन, खो, गागन, रामगंगा, बनौली, रतनाल, कोटावाली, ऊनी, नकटा, गूला, फीका, धारा, पीली, लकड़ियान और बान नदी में का जलस्तर बढ़ गया था।