बिजनौर में गंगा बैराज पर कछुए के बच्चे छोड़ते डीएम, डीएफओ व अन्य लोग।
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गंगा की धारा में छोड़े कछुए के 104 बच्चे
बिजनौर। वन विभाग द्वारा संरक्षित किए गए कछुओं के 104 बच्चों को गंगा बैराज पर गंगा की धारा में छोड़ा गया। इन बच्चों की वन विभाग की टीम निगरानी करेगी।
कछुए गंगा के रेती में अंडे देते हैं। यहां किसानों की भी जमीन रहती है। जुताई में कछुए के अंडे पहले नष्ट हो जाते थे। अब वन विभाग व डब्लूडब्लूएफ की टीम इन अंडों को संरक्षित करती है। किसानों से अंडों को नष्ट करने के बजाय वन विभाग की टीम को देने को कहा जाता है। वन विभाग ने इस साल भी कछुओं के बच्चों को डब्लूडब्लूएफ की हस्तिनापुर स्थित हेचरी में रखवाया था। इन अंडों से 104 बच्चे निकले हैं। डीएम रमाकांत पांडेय, सीडीओ केपी सिंह, डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन ने गंगा बैराज पर गंगा की धारा में कछुए के बच्चे छोड़े। डीएम ने कहा कि गंगा की धारा में जैव विविधता को बनाए रखना बहुत जरूरी है। जैव विविधता में छोटे से छोटे जीव का भी महत्व होता है। डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन ने कहा कि कछुए गंगा की धारा में सफाई का काम करते हैं। कछुए अपशिष्ट पदार्थों को खा जाते हैं। कहा कि कोई भी जीवों को नुकसान पहुंचाने या शिकार करने की कोशिश न करे। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उप क्रीड़ाअधिकारी जयवीर सिंह, एसडीओ इम्तियाज सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।