अफजलगढ़ (बिजनौर)। पीलीबांध जलाशय का जलस्तर बढ़ने से बनैली नदी में एक बार फिर से उफान आ गया। आलमपुर गांवड़ी में बनैली नदी का पानी तटबंध को तोड़कर बस्ती में घुस गया है। गांववाले बाढ़ को लेकर चिंतित हैं। घरों में पानी घुसने से ग्रामीण परेशान हैं। गांववासियों का आरोप है कि सिंचाई विभाग ने समय रहते तटबंध को मजबूत किया होता तो यह नौबत न आती। नदी में पानी बढ़ता देख गांववासी थर्रा जाते हैं। रात जागकर काटनी पड़ रही है। बूढ़े और बच्चे परेशान हैं।
पहाड़ों व मैदानी इलाकों में हो रही बारिश से पीलीबांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ के खतरे से बचने के लिए सिंचाई विभाग सतर्क होकर नदी में पानी रिलीज कर रहा है। शुक्रवार रात एक हजार क्यूसेक पानी पीलीबांध के जलाशय से निकासी होने से गांव आलमपुर गांवड़ी के किनारे पर बना तटबंध ध्वस्त हो गया। पानी के बहाव में फसलों को लील लिया। तेज धार के कारण 80 मीटर का तटबंध पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। तटबंध टूटने के बाद पानी गांव में घुस गया। दो फुट पानी रात आलमपुर गांवड़ी की बस्ती में घुस आया। इससे गांववासी बेचैन हो गए। जलभराव से बचने के लिए गांववासियों ने घर का सामान छतों पर चढ़ा लिया। कुछ छत पर ही पन्नी डालकर रह रहे हैं। कच्चे मकानों में रह रहे परिवार बुरी तरह से आहत हैं। गांववासियों का आरोप है कि अगर सिंचाई विभाग ने पहले ही तटबंध का पक्का निर्माण करा दिया होता तो वह परेशान न होते। रात जागकर काटनी पड़ रही है। जलभराव की समस्या के चलते गांववासी पलायन को मजबूर हो रहे हैं। कुछ परिवार घर छोड़कर रिश्तेदारी में पहुंच गए हैं। पशुपालकों के सामने सबसे बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। न तो पशुओं को बैठने के लिए जगह मिल रही है, न ही पशुपालक पशुओं का चारा कर पा रहे हैं। यदि ऐसी ही हालत रही तो पशु दम तोड़ना शुरू कर देंगे। गांव के उमेश कुमार, हेमराज, महेंद्र सिंह, होशराम, रामकिशन, चंद्रपाल, हरपाल, अमित, अजय, रोहन ने बताया कि जहां से बनैली नदी तटबंध का कटान कर रही थी, वहां पर अधिकारियों ने कट्टे लगवाकर तटबंध की मरम्मत कराई थी, लेकिन पानी की रफ्तार ने तटबंध को दूसरी जगह से ध्वस्त कर दिया। गांववासियों का आरोप है कि यदि समय रहते तटबंध का कटान नहीं रोका गया तो पानी गांव माननगर से हाईवे पर पहुंच सकता है। इससे हाईवे भी बाधित होगा। सिंचाई विभाग के जेई चंद्रपाल सिंह का कहना है शीघ्र ही तटबंध का कार्य कराया जाएगा। वहीं पीली जलाशय के अवर अभियंता लोकेंद्र सिंह ने बताया कि पीली बांध में पानी बढ़ने की वजह से बनैली नदी में एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।