बिजनौर। अनेक मुद्दों पर भाकियू और अफसरों के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही। शुगर मिल के अधिकारियों ने तत्काल गन्ना भुगतान करने से हाथ खड़े कर दिए। भारतीय किसान यूनियन ने गन्ना भुगतान सहित अन्य मुद्दों पर बड़े आंदोलन की घोषणा की है। किसानों ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के बिजनौर आने पर उनके घेराव की भी घोषणा की है।
डीएम की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट में भाकियू के प्रतिनिधि मंडल और जिले के सभी विभागों के अफसरों की बैठक हुई। बैठक में अफसरों ने बताया कि बिजनौर व चांदपुर शुगर मिल की मरम्मत एक हफ्ते के अंदर शुरू कर दी जाएगी। किसानों ने बैठक में गन्ना भुगतान कराने तथा जर्जर बिजली लाइनों को बदलने का मुद्दा जोर शोर से उठाया। लेकिन शुगर मिलों के अधिकारियों ने तत्काल भुगतान करने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित कोटे के अनुसार ही चीनी बेचकर भुगतान किया जाएगा। इसमें चार महीने तक का समय लग सकता है। इसके अलावा विद्युत निगम के अधिकारियों ने बताया कि किसानों पर लगे बिजली चोरी के मुकदमे वापस लिए जा रहे हैं। जर्जर लाइनों को बदलने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया था। शासन से प्रस्ताव मंजूर नहीं हो पाया। इस पर किसान भड़क गए। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने बताया कि मिल अधिकारी जिस तरह गन्ना भुगतान करने की बात कह रहे हैं, उस हिसाब से चार से छह महीने में गन्ना भुगतान होगा। इसके अलावा अगर ऊर्जा मंत्री के प्रभार वाले जिले में ही विद्युत लाइन नहीं बदली जाएंगी तो बाकी प्रदेश की स्थिति कैसे सुधरेगी। दिगंबर सिंह ने बताया कि अगर चांदपुर व बिजनौर शुगर मिल न चलीं तो चड्ढ़ा ग्रुप के अन्य कारोबार भी नहीं चलने दिए जाएंगे। अब बड़ा आंदोलन किया जाएगा। 21 जुलाई को बैठक कर इसकी रणनीति बनाई जाएगी। किसानों के प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश महासचिव रामौतार सिंह, अतुल कुमार, होशियार सिंह, प्रमोद कुमार, संदीप त्यागी, धीर सिंह बालियान, हुकम सिंह आदि मौजूद रहे।