बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र ने विक्रांत चौधरी हत्याकांड में आरोपी अंकित उर्फ बाबू की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता श्याम स्वरूप शर्मा के अनुसार थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव सहसूवाला निवासी करतार सिंह का पुत्र विक्रांत आठ अगस्त 2017 को विनायक डिग्री कॉलेज से दोपहर डेढ़ बजे अपने साथी प्रांशु के साथ वापस आ रहा था। बरूकी से करीब आधा किलोमीटर पहले पीछे से आ रही एक मारुति आल्टो कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। गाड़ी से उतरकर पांच लोगों ने उसके बेटे विक्रांत को जबरन गाड़ी में डाल लिया और कोतवाली देहात की ओर भाग गए। उसके लड़के को मारने के लिए गोली भी चलाई गई। अपहरण करने वालों में बाबू, शानू और बाबू का भांजा भोलू शामिल थे। उसके लड़के की लाश गांव महेश्वरी के पास पप्पू के खेत में मिली थी। कोर्ट ने इस मामले में बाबू उर्फ अंकित निवासी आदमपुर की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।