सपा के गुट आमने-सामने आए
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
निकाय चुनाव में सपा के टिकट को लेकर पार्टी की पूर्व विधायक रुचिवीरा और पार्टी का दूसरा खेमा फिर से आमने सामने आ गए हैं। पार्टी से टिकट लेने के लिए दोनों खेमों में घमासान मचा हुआ है। रुचिवीरा तीन नगर पालिका, एक नगर पंचायत में अपने खेमे के नेताओं को टिकट दिलवाने के प्रयास में लगी हैं। दूसरा खेमा अपने लोगों को टिकट दिलाने की जुगत में लगा है।
सपा में पूर्व विधायक रुचिवीरा और विरोधी खेमे में रार किसी से छिपी नहीं है। चाहे लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा, जिला पंचायत हो या ब्लाक प्रमुख का चुनाव हर चुनाव में दोनों खेमों की रार सड़कों पर दिखाई दी है। जिला पंचायत के चुनाव में तो रुचिवीरा ने सपा से बगावत करके अपने पति उदयनवीरा को चुनाव मैदान में उतार दिया था। सपा के सब दिग्गजों के आगे उन्होंने अपने पति को चुनाव जिताया था। रुचिवीरा के खेमे में उनके अलावा पूर्व सांसद यशवीर सिंह, नगीना के पूर्व चेयरमैन खलीलुर्रहमान हैं। जबकि विरोधी खेमे में पूर्व मंत्री मूलचंद चौहान, नगीना के विधायक मनोज पारस, पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, जिलाध्यक्ष अनिल यादव है।
निकाय चुनाव में टिकट को लेकर दोनों खेमों में फिर से सियासी तलवार खींच गई हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन बिजनौर नगर पालिका से अपनी पत्नी किश्वर जहां और नगर पंचायत झालू से अपने लिए सपा का टिकट मांग रहे हैं। नगीना नगर पालिका से राशिद हुसैन अपने साले शादाब की पत्नी खालिदा निसार के लिए टिकट मांग रहे हैं। रुचिवीरा नगीना से चार बार चेयरमैन रह चुके खलीलुर्रहमान की पत्नी ताहिरा बिजनौर नगर पालिका से शमशाद अंसारी की पत्नी रूखसाना परवीन, नगर पंचायत झालू से सिकंदर आलम, नगर पालिका नजीबाबाद से पूर्व चेयरमैन मौअज्जम खां की पत्नी रेशमा के लिए टिकट मांग रही है।
दूसरा खेमा नजीबाबाद से फैसल की पत्नी रूबीना को टिकट दिलाने के लिए उनकी पैरवी कर रहा है। रुचिवीरा ने सपा हाईकमान को लिख कर भी दे दिया है कि चारों टिकट उनके खेमे के लोगों को मिल गए तो चारों जगह सपा का परचम लहराएगा। दोनों खेमे कई दिनों से टिकट हथियाने को लेकर लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। राशिद हुसैन अपने टिकट को पक्का मान कर चल रहे हैं। तो रुचिवीरा खेमा कह रहा है कि टिकट उनके खेमे के लोगों को मिलेगा। दोनों खेमे में टिकट को लेकर मारामरी मची हुई है। सपा के जिलाध्यक्ष अनिल यादव के मुताबिक हाईकमान का जो निर्णय होगा उसे स्वीकार किया जाएगा।
निकाय चुनाव में पटखनी देना चाहती है रुचिवीरा
पूर्व विधायक रुचिवीरा पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन और उनकी पत्नी का टिकट कटवाकर राशिद हुसैन को राजनैतिक पटखनी देना चाहती हैं। राशिद हुसैन और रुचिवीरा के बीच लड़ाई इस हद है कि खुले मंच से भी वह एक दूसरे के खिलाफ बोलने से परहेज नहीं करते। रुचिवीरा को सपा नेता आजम खा का संरक्षण है। अपने खेमे के लोगों को टिकट दिलाने के लिए रुचिवीरा मंगलवार को आजम खां से मिलने दिल्ली गई हैं। रुचिवीरा खेमा मान रहा है कि निकाय चुनाव में अगर राशिद हुसैन के टिकट कट गए तो राजनीति में उनका ग्राफ काफी नीचे पहुंच जाएगा।