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लाखों के फर्जीवाड़े में फंसेगी ब्लाक के अधिकारियों व कर्मचारियों की गर्दन

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जांच अधिकारियों को ब्लाक से रिकार्ड तलब कर पड़ताल के दिए गए निर्देश
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अधिकारियों की अनुमति के बगैर खर्च नहीं की जा सकती कोई भी धनराशि
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
धनौरा ब्लाक में हुए लाखों के फर्जीवाड़े की जांच यदि गहनता से की गई तो कई अधिकारियों व कर्मचारियों की गर्दन फंस जाएगी। चूंकि अधिकारियों की अनुमति के बगैर खाते से कोई भी धनराशि नहीं निकल सकती। लाखों के सामान खरीदने का टेंडर निकालना चाहिए। बिल बाउचर पुख्ता होने चाहिए, लेकिन ऐसी कोई भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। धनराशि निकाली और खर्च कर दी। अभिलेखों में ऐसी तमाम गड़बड़ी मिलीं। सीडीओ ने जांच अधिकारियों को ब्लाक से रिकार्ड तलब कर जल्द से जल्द जांच पूरी करने को कहा है।
स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के तहत ब्लाक कार्यालय को 50 हजार से अधिक की धनराशि भिजवाई गई थी, जिसे अधिकारियों व कर्मचारियों ने बंदरबांट कर दिया था। ब्लाक स्वच्छता प्रबंधन इकाई से कोई अनुमोदन नहीं कराया था। पूरी राशि अन्य कामों पर खर्च कर दी थी। 14 वें वित्तीय आयोग के तहत मिली धनराशि भी बिना प्रक्रिया पूरी कर दूसरे कार्यों पर व्यय कर दी थी। तीन लाख से अधिक की गड़बड़ी उनको जांच के दौरान मिली थी। इस पर सीडीओ ने जिलाधिकारी अधिकारी व लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा विभाग को तफ्तीश सौंप दी थी। सूत्रों पर भरोसा करें तो गड़बड़झाले में किसी भी नियम कानून का पालन नहीं किया गया है। धनराशि निकालने में कोई भी फॉरमल्टी पूरी नहीं की गई है। मामले की गंभीरता से जांच की गई तो फर्जीवाड़े में अधिकारियों व कर्मचारियों का फंसना लाजमी है। इसमें छोटे से लेकर बड़े तक शामिल हैं। बहरहाल मामले के सुर्खियों में आने के बाद से ब्लाक के स्टाफ में खलबली मची है। हर कोई अपने बचाव के लिए बगलें झांकने लगा है।
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जांच दोनों अधिकारियों द्वारा की जाएगी। दोनों को ब्लाक से रिकार्ड तलब कर अभिलेखों का निरीक्षण जांच करने के लिए कहा गया है। जल्दी पूरी पड़ताल कर रिपोर्ट प्राप्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- मदन वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।
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