स्वाहेड़ी बिजलीघर : इंजीनियरों की टीम को खामी ढूंढने में लगे सात दिन
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
स्वाहेड़ी बिजलीघर से विद्युत सप्लाई शुरू हो गई है। इंजीनियरों की टीम को सुरक्षा सिस्टम का फाल्ट ढूंढने में सात दिन लगे। प्रथम चरण में बिजलीघर पर बिजनौर तहसील को लोड डाला गया है। इससे जहां नहटौर बिजलीघर से जुड़े दूसरी तहसीलों के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं बिजनौर तहसील के उपभोक्ताओं को बार-बार ट्रिपिंग व लो-वोल्टेज की समस्या से छुटकारा मिला है। अब इंजीनियर चांदपुर तहसील को लोड स्वोहड़ी बिजलीघर पर डालने की तैयारी में जुटे हैं।
अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन अखिल मल्होत्रा के अनुसार स्वाहेड़ी बिजलीघर को विद्युत उपकरणों से लैस करके नौ जून को उच्चकृत कर दिया गया था। बिजलीघर से बिजनौर नजीबाबाद, चांदपुर तहसीलों को जोड़ा जाना है। बिजलीघर निर्माण कंपनी बीएचईएल के इंजीनियरों को जांच के दौरान सुरक्षा सिस्टम में खामियां मिलीं। सात दिन की मेहनत के बाद बृहस्पतिवार को टीम को सुरक्षा सिस्टम की कमी पकड़ में आई। टीम को कमी को दूर करने कई घंटे लगे। इसके बाद इंजीनियरों ने राज्य मुख्यालय लखनऊ से बिजलीघर को शुरू कराने को कोड हासिल किया। इंजीनियरों की टीम एवं निगम अधिकारियों की मौजूदगी में दोपहर बाद 2:50 बजे स्वोहड़ी बिजलीघर बिजनौर तहसील को लोड डालकर सप्लाई शुरू कर दी गई। बिजनौर तहसील को लोड 100 एमवीए है। स्वाहेड़ी बिजलीघर 400 एमवीए क्षमता का है। अब इस पर चांदपुर व नजीबाबाद तहसीलों को लोड डाला जाना है। इंजीनियरों की टीम दूसरे चरण में चांदपुर तहसील का 103 एमवीए का लोड डालने की तैयारी में जुट गई है। अखिल महरोत्रा के अनुसार इस काम में एक से दो दिन लग सकते हैं। इसके जुड़ने के बाद नहटौर का लोड घटकर आधे से कम रह जाएगा। स्वाहेड़ी बिजलीघर पर लोड डाले जाने के बाद इंजीनियरों की टीम उत्साहित है।