- सचिव पर था 10 लाख से अधिक की वित्तीय अनियमिता का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। रिक्शा खरीद मामले में निलंबित ग्राम विकास अधिकारी को 10 वेतन वृद्धि कम करने का आर्थिक दंड देकर बहाल कर दिया गया है। ग्राम विकास अधिकारी पर रिक्शा खरीद में 10 लाख से अधिक रुपये की हेराफेरी करने का आरोप था। मामले की जांच बीडीओ मोहम्मदपुर देवमल ने की है।
मामला नूरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत राजा का ताजपुर का है। राजा का ताजपुर जिले की बड़ी ग्राम पंचायतों में से एक है। जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा के अनुसार पंचायत में अवधेश कुमार ग्राम विकास अधिकारी पंचायत सचिव हैं। पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत रिक्शा खरीदी गईं थीं। जिला विकास अधिकारी के मुताबिक प्रधान ने आरोप लगाया था कि पंचायत सचिव ने उनकी जानकारी में लाए बिना 10,24,848 रुपये का भुगतान रिक्शा खरीद के नाम पर एक फर्म को कर दिया। जबकि रिक्शा पंचायत को उपलब्ध नहीं कराई गई थी। डीडीओ के अनुसार मामले का ऑडियो-वीडियो वायरल हुआ था। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
सचिव पर लगे आरोप जांच में सही मिले
जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा के अनुसार शिकायत के बाद बीडीओ मोहम्मदपुर देवमल द्वारा जांच की गई। ग्राम पंचायत सचिव पर वित्तीय अनियमितताओं के पांच आरोप लगे थे। प्रथम दृष्टया जांच में तीन आरोप सही मिले। जबकि दो आरोप आंशिक रूप से सही पाए गए हैं। बीडीओ की रिपोर्ट पर निलंबित ग्राम विकास अधिकारी को बहाल कर दिया गया है।
ये मिला दंड
जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा के अनुसार ग्राम विकास अधिकारी/ पंचायत सचिव को शासकीय नियमों के अनुसार मूल वेतन में पिछली 10 वेतन वृद्धि कम करने के साथ बहाल किया गया है। सचिव को ब्लाॅक नूरपुर से हटाकर ब्लाॅक नजीबाबाद में तैनाती दी गई है।