इस मौके पर रवि पाटोदिया ने कहा कि योग निर्विवाद रूप से स्वस्थ रहने का सबसे अच्छा माध्यम साबित हो चुका है। संयुक्त राष्ट्र भी इस बात को मानती है और 21 जून को विश्व योग दिवस की मान्यता मिलना इसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में योग प्रशिक्षण देने के लिए भारी संख्या में प्रशिक्षकों की आवश्यकता होगी। पतंजलि योग समिति के पूर्वी उप्र प्रभारी, संदेश योगी ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य आम जनमानस की गंभीर से गंभीर रोगों का समाधान है। इसके माध्यम से ऐसे कुशल योग्य योग शिक्षक तैयार करना है जिससे सरकारी, गैरसरकारी संस्थानों समेत गांव गिरावों में लोग अपने आसपास लोगों को योग के प्रति न केवल जागरूक कर सकें बल्कि उन्हें भी निरोग रख सकें। बताया इस शिविर के माध्यम से दिसंबर 2015 तक जिले में 200 योग कक्षाएं संचालित करना है।
संगठन के जिला प्रभारी धीरज सिंह ने बताया कि इस शिविर में लोगों को 100 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसके बाद 90 घंटे का प्रशिक्षण वे खुद योग कक्षाएं चला कर लेंगे और 60 घंटे का प्रशिक्षण योग ऋषि स्वामी रामदेव जी के नेतृत्व में हरिद्वार में पूरा होगा। इसके बाद केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय की परीक्षा में लोग बैठेंगे जिसमें सफल लोगों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा।