भदोही के सुरियावां निवासी प्रतिभाशाली क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल ने प्रतिष्ठित ईरानी ट्राफी के डेब्यू मैच में ही कमाल कर दिया। यशस्वी ने अपने पहले मैच की दो पारियों में शानदार दोहरा शतक और शतक लगाकर कई रिकार्ड अपने नाम किए। यशस्वी के इस परफार्मेंस पर उनके परिवार सहित जिले के सुरियावां स्थित एनएसएस एकेडमी के युवा खिलाड़ियों ने जमकर जश्न मनाया। सुरियावां स्थित क्रिकेट ग्राउंड पर खिलाड़ियों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया।
यशस्वी ने ईरानी ट्राफी में शेष भारत की ओर से खेलते हुए के अपने पहले मैच की पहली पारी में 213 रन और दूसरी पारी में 144 रन बनाए। ईरानी ट्राफी के 61 सालों के इतिहास में ऐसा करने वाले वे पहले खिलाड़ी बने। यशस्वी के इस उपलब्धि पर शनिवार को सुरियावां क्रिकेट ग्राउंड पर युवा खिलाड़ियों ने जमकर जश्न मनाया। इसी मैदान में यशस्वी ने क्रिकेट खेलना शुरू किया था। शुरूआती दिनों में यशस्वी के कोच और मेंटर रहे आरिफ हुसैन और मुहम्मद इसराइल बताते हैं कि यशस्वी शुरू से ही प्रतिभाशाली था। अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ विश्वास ने उसे काफी आगे पहुंचाया है। अपनी प्रतिभा की बदौलत जल्द वह टीम इंडिया का भी हिस्सा बनेगा। वहीं उनकी माता कंचन जायसवाल व पिता भूपेन्द्र जायसवाल के भी खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। यशस्वी के पिता भूपेन्द्र जायसवाल उर्फ गुड्डन ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बेटे ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी त्याग किये हैं। वह 12 से 13 साल की उम्र में मुंबई जैसे शहर में टेंट में पूरे एक साल गुजारे हैं। उन्होंने बताया कि उनका बड़ा बेटा तेजस्वी जायसवाल भी काफी कड़ी मेहनत कर रहा है। शनिवार को तेजस्वी का चयन बिजी ट्राफी के लिए हुआ।