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महिला हेल्प डेस्क: कहीं फरियाद की झड़ी, कहीं सन्नाटा

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ज्ञानपुर। महिलाओं को त्वरित न्याय की उम्मीद से थानों में खुले महिला हेल्प डेस्क कुछ हद तक सफल होते दिख रहे हैं। गुजरे 10 दिनों में आए ज्यादातर प्रकरण निस्तारित हुए। पारिवारिक विवाद के मामले लंबित रह गए। कुछ थानों और कोतवाली में तो कई शिकायतें आईं मगर कई थाने ऐसे भी हैं, जहां शिकायतें न के बराबर रहीं। हेल्प डेस्क में आई शिकायतों का 24 घंटे में निस्तारण करना होता है।
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महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध के रोकथाम को लेकर सरकार थानों और तहसीलों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना किया गया है। जहां आने वाले शिकायतों को 24 घंटे में निस्तारण करने का प्राविधान है, लेकिन जिले के अधिकतर थानों में 10 से 20 फीसदी प्रार्थना पत्रों का निस्तारण नहीं हो सका। गुजरे 10 दिन में ज्ञानपुर कोतवाली में 16 शिकायतें आई। जिसमें 12 का निस्तारण हो सका। चार प्रार्थना पत्र अब भी लंबित हैं। हेल्प डेस्क की क्षमा सेंगर ने बताया कि पारिवारिक विवाद के मामलों का निस्तारण नहीं हो सका। सीतामढ़ी संवाददाता के अनुसार, कोइरौना थाना में अभी तक महज छह मामले आए जिनमें चार मामलों का निस्तारण किया।
डेस्क प्रभारी अर्चना गौड़ ने बताया कि महिला हेल्प डेस्क शुरू होने के बाद अभी तक कुल 6 मामले पंजीकृत हुए। अधिकतर मामलों का निस्तारण दोनों पक्षों को समझा बुझाकर आपसी रजामंदी से किया गया। भदोही कोतवाली में 10 दिन में 14 मामले आए, जिसमें सभी का निस्तारण हो गया। प्रभारी गुंजना ने बताया कि सभी मामले 24 घंटे में निस्तारित करने की समय सीमा निर्धारित है। दुर्गागंज थाने में अब तक तीन शिकायतें आई, जिसमें एक का निस्तारण हो सका। गोपीगंज कोतवाली के महिला हेल्प डेस्क में सर्वाधिक मामले आए। यहां आए 39 मामलों में 30 निस्तारित हुए जबकि नौ लंबित हैं। चौरी थाने में आए छह प्रकरण में सभी का निस्तारण हो गया। ऊंज थाने में 15 मामलों में पांच का निस्तारण, सुरियावां के आठ मामलों में पांच निस्तारित हुए। औराई में कुल 10 प्रार्थना पत्रों में सात निस्तारित हुए।
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