कालीन उद्योग में पुरूष निर्यातकों के बाद अब धीरे-धीरे महिला निर्यातकों ने भी अपनी पैठ बनानी शुरू कर दी है। महिलाएं नाैकरी छोड़कर कालीन का कारोबार कर रही हैं। भदोही के कारपेट एकस्पो मार्ट में कालीन मेले के 50वें संस्करण में 223 स्टॉलों में तीन स्टॉल महिला निर्यातकों की ओर लगाए गए थे।
महिला निर्यातक अपने अनुभव और हुनर से उद्योग को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही हैं।
कालीन उद्योग एक ऐसा उद्योग है। जहां से 98 फीसदी देश के बाहर कारोबार होता है। ऐसे में शुरू से ही इस व्यवसाय में पुरूष वर्ग का बोलबाला रहा, लेकिन समय बदलने के साथ-साथ कालीन उद्योग में नए-नए प्रयोग हुए हैं।
मेले में देश-दुनिया से आने वाले खरीदारों के बीच युवा अपनी डिजाइनिंग और कारीगरी से बॉयरों को आकर्षित कर रहे हैं। इनमें महिला निर्यातक भी अपने प्रोडक्ट से बॉयरों का ध्यान खिंचने में सफल रही हैं। संवाद