गोपीगंज। स्वास्थ्यकर्मी की मौत के बाद आखिरकार खनन और पुलिस महकमा जागा। शनिवार को शाम को रामपुर और जहांगीराबाद गंगा घाट पर पहुंचे अधिकारियों ने छह से सात ट्राॅली बालू को गंगा में फेंकवाया। चेतावनी दिया कि दोबारा खनन होगा, तो कार्रवाई की जाएगी। जिले के सभी घाट कछुआ सेंक्चुरी क्षेत्र में आ गए हैं। इससे बालू खनन पर पूरी तरह से रोक लग गई है। रोक के बाद भी दिन में गंगा से नाव के माध्यम से बालू निकालकर खनन माफिया रात में ट्रैक्टर से बालू को बेचते हैं। सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार अधिकारी मूक दर्शक बने रहते हैं। गोपीगंज कोतवाली पुलिस के संरक्षण में यह कारोबार काफी समय से चल रहा है। शनिवार को सुबह जब घटना का कारण अवैध बालू खनन व परिवहन को बताते हुए हंगामा खड़ा कर दिया तो मामले को संज्ञान में लेते हुए खनन अधिकारी सुरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। जेसीबी लेकर पहुंचे अधिकारियों ने बालू को गंगा में डलवा दिया। खनन अधिकारी ने बताया कि छह से सात ट्रैक्टर बालू को गंगा में फेंका गया।