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कीचन गार्डेन की ताजी सब्जी खाएंगे नौनिहाल

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ज्ञानपुर/दुर्गागंज। जिले के सरकारी स्कूलों के बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ अब फल और सब्जी उगाना भी सीखेंगे। इसके लिए हर स्कूल में किचेन गार्डन बनाए जाएंगे। स्कूलों के बाग में जो सब्जी उगेगी, उसे मिड-डे-मील के लिए किचन में पकाया जाएगा और बच्चों को ही खाने को दिया जाएगा। शुरुआती चरण में जिले की चहारदीवारी वाले स्कूलों में किचन गार्डेन के लिए 15-15 हजार रुपये भेजे जा रहे हैं।
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प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। उसी क्रम में मध्याह्न भोजन योजना चलाई जा रही है। उक्त योजना में बच्चों को सप्ताह के प्रतिदिन अलग-अलग व्यंजन खाने के लिए दिया जाता है। एमडीएम के बजट में कमी लाने और स्कूल को हरा-भरा बनाने के लिए अब किचेन गार्डेन बनाया जाएगा। इससे बच्चों को हरी सब्जी स्कूल परिसर में जहां मिलेगी, वहीं खेतीबारी के बारे में भी वह जानकारी हासिल कर सकेंगे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय सम्हई भटानी, प्राथमिक विद्यालय पूरेरिसाल सिंह, पूर्व माध्यमिक विद्यालय लक्ष्मणपट्टी समेत कुछ स्कूलों में यह व्यवस्था प्रभावी भी हो चुकी है। स्कूल प्रबंधन की ओर से कुछ जगह निर्धारित कर मूली, मिर्च, मेथी, सेम, टमाटर समेत अन्य सब्जियां उगाई जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों को पौष्टिक सब्जियां खाने को मिल सकें। यह योजना उन्हीं स्कूलों में शुरू की जाएगी, जिनके पास भूमि उपलब्ध होगी। शुरुआती दौर में ‘किचन गार्डन’ योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। स्कूलों में किचेन गार्डेन योजना के माध्यम से बच्चों को पौधों के संबंध में जानने का मौका भी मिलेगा। बताते चलें कि जिले के 1116 सरकारी स्कूलों में करीब 350 में शुरुआती दौर में किचेन गार्डेन के लिए 15-15 हजार भेजे गए हैं।
मौसम के अनुसार उगाई जाएंगी सब्जियां
ज्ञानपुर। स्कूलों में मौसम के अनुसार सब्जियों का चक्र तैयार किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की राय ली जाएगी। यहां लगाए गए धनिया, मेथी और मिर्च का उपयोग मिड-डे मील में किया जाएगा। ऐसा सिस्टम तैयार किया जाएगा कि एक सब्जी का सीजन खत्म होने के बाद दूसरी तैयार हो जाए।
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किचेन गार्डेन से क्या होगा लाभ
ज्ञानपुर। इस योजना से शिक्षा विभाग को मिड-डे मील के लिए मंडी से सब्जियां नहीं लानी पड़ेंगी। किचेन गार्डेन की सब्जियों की गुणवत्ता भी बाहर की सब्जियों से कहीं ज्यादा होगी। आजकल सब्जियों और फलों पर अत्यधिक कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव होता है। किचेन गार्डेन की सब्जियों में ऐसा नहीं होगा।
स्कूलों में किचेन गार्डेन की सुविधा होने से छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ कृषि संबंधी ज्ञान भी मिलेगा। इन किचेन गार्डेन में सब्जियों और फलों में बीमारियों की पहचान, मौसम की मार, खाद और उर्वरक का प्रयोग, समयानुसार सिंचाई सहित उनकी देखभाल आदि की जानकारी विद्यार्थी अपने शिक्षकों से ले सकेंगे।
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अमित कुमार सिंह, बीएसए भदोही
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