स्टेशन रोड स्थित प्रतिष्ठान में बसपा मुस्लिम सम्मेलन को संबोधित करते रास सदस्य, मुनकाद अली
बहुजन समाज पार्टी के जोनल कोआर्डिनेटर राज्यसभा सदस्य मुनकाद अली ने कहा कि कहने को हम आजाद हैं लेकिन अमीर गरीब के बीच खाई बढ़ती जा रही है। जो योजनाओं के वास्तविक हकदार हैं उन तक केंद्र या प्रदेश सरकार की निगाहें अब तक नहीं पहुंची। देश में करोड़ों लोगों के पास रहने को घर नहीं है। लाखों करोड़ों लोग भूखे पेट सोते हैं। इन सब पर गौर किए बिना अच्छे दिन लाने की बात बेमानी है।
वे रविवार को नगर में पार्टी के मुस्लिम सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि गरीब और भूखे लोग अपने वोट से सरकारें बनवाते हैं लेकिन सरकारें ऐसे लोगों को ही भूल जाती हैं। बसपा का मकसद सबको साथ लेकर चलने की है। पार्टी स्थापना के समय से पार्टी मानती आई है कि सबको एक जैसा सम्मान मिले। हमारी पार्टी आज भी उसपर कायम है। दलितों, पिछडों को मुख्य धारा से जोड़ने की शुरूआत ज्योतिराव फूले और बाबा साहब अंबेडकर ने की। जिसकी जिम्मेदारी अब बहन मयावती ने उठा रखा है। कहा आजादी के बाद से मुसलमान सर्वाधिक उपेक्षित हुआ। सुधार के लिए अगर किसी ने जमीनी कार्य किया तो वह बसपा है। बदहाली के लिए खुद मुसलमान जिम्मेदार हैं क्योंकि चुनाव में पार्टियां उन पर डोरे डालती हैं जिसमें वे उलझ कर अपनो को भुला बैठते हैं।
कहा कि आजादी के समय सरकारी नौकरियों में मुस्लिमों की भागीदारी 28 प्रतिशत थी वह घट कर 3.50 प्रतिशत बची है। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट तो आई लेकिन उस पर अमल नहीं आया। दंगे कराकर मुस्लिमों की ताकत कम करने का प्रयास हुआ। अध्यक्षता हाजी एजाज खां और संचालन जाकिर हुसैन ने किया। पूर्वमंत्री रंगनाथ मिश्र, कमला शंकर भारती, अतहर अंसारी, लल्लूराम गौतम, राजेश यादव, गुलाम मोहम्मद चिस्ती, मो.सलीम, सलाहुद्दीन अंसारी, जावेद खां, बबलू अंसारी, सफीर अहमद, गुड्डू खा आदि भी मौजूद रहे।