युवक पर हमला के बाद मतेथू-सुरियावां रोड पर चक्काजाम करते लोग। स्रोत जागरूक पाठक
भदोही (दुर्गागंज)। सुरियावां थानाक्षेत्र के भीखमापुर गांव में बुधवार की रात घर के बरामदे में सो रहे विनोद कुमार चौहान (35) पर धारदार हथियार से हमला करके बदमाशों ने पैर काट दिया। चीख सुनकर पत्नी माधुरी बाहर आई, तब तक चेहरा ढककर आए हमलावर भाग गए। सूचना पर पुलिस ने घायल को सीएचसी सुरियावां पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां से डॉक्टरों ने ट्रॉमा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। घायल के भाई का आरोप है कि तीन दिन पहले आरोपी ने पैर काटने की धमकी दी थी। लेकिन शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
विनोद चौहान परिवार के साथ भीखमापुर गांव में रहता है। उसके पिता रामआसरे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ हरीपट्टी गांव में रहते हैं। गांव में स्थित एक भूमि के लिए ऊंज के कलापुर, सुभाषनगर निवासी निजामुद्दीन से विवाद चल रहा है। घायल विनोद के भाई प्रमोद चौहान ने बताया कि आरोपी निजामुद्दीन ने तीन दिन पहले पैर काटने की धमकी दी थी। इसकी शिकायत पुलिस से की गई थी। बुधवार की रात विनोद बरामदे में सोया था, उसी दौरान हमला करके उसका पैर काट दिया गया। हालांकि पैर पूरी तरह कटकर अलग नहीं हुआ है। बृहस्पतिवार की सुबह घटना की जानकारी होने के बाद ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मतेथू-सुरियावां मार्ग पर कनकपुर गांव के पास चक्काजाम कर दिया। सूचना पर दुर्गागंज थानाध्यक्ष मनीष द्विवेदी पहुंचे। कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। तब लगभग दो घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। कुछ ही देर में एएसपी शुभम अग्रवाल व सीओ अशोक मिश्र मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी ली। एक आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
हमले का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। जमीन का विवाद पुराना है। आरोप के आधार पर एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। थाने में तीन दिन पहले शिकायत की गई। यह बात हमारे संज्ञान में नहीं है। यदि पीड़ित ने शिकायत की है और फिर भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की है तो जांच करके जवाबदेही तय की जाएगी। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी।
पुलिस ने की होती कार्रवाई तो न होती यह घटना
सुरियावां के भीखमापुर गांव में विनोद चौहान पर हुआ हमला पहला मामला नहीं है। पीड़ित को तीन दिन पहले आरोपी ने पैर काटने की धमकी दी थी। उसने पुलिस से शिकायत भी की। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। यदि पुलिस मामले को गंभीरता से लेती तो घटना नहीं होती।
11 दिसंबर 2025 को धसकरी गांव में भी हुई थी घटना
इससे पहले 11 दिसंबर 2025 को धसकरी गांव में ग्राम प्रधान के खिलाफ शिकायत करने पर शिकायतकर्ता कमलाकांत दुबे की हत्या कर दी गई थी। उस मामले में भी शिकायतकर्ता ने पुलिस को पत्रक देकर हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस ने उस घटना से भी सबक नहीं लिया।