प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को राहत देते हुए 22 जून तक गेहूं खरीद की तिथि बढ़ने के बाद से जिले में क्रय केंद्रों पर हलचल बढ़ गई। टोकन लेकर चिंता में डूबे किसानों को खरीदारी की चिंता से मुक्ति की संभावना है। दरअसल मामला यह है कि एक अप्रैल से विपणन विभाग बिना किसी लक्ष्य निर्धारण के 26 केंद्रों पर गेहूं खरीद का शुभारंभ कराया। अंतिम तिथि 15 जून तक लगभग नौ हजार पंजीकृत किसानों से 32 हजार मीट्रिक टन खरीदारी कराकर 64 करोड़ रुपये का भुगतान आनलाइन किया है। सत्यापन और बैंक आईएफसी कोड, आधार नंबर में मिसमैच होने के कारण लगभग दो हजार किसान अपने उत्पाद को बेचने से वंचित रह गए। इसके बाद मामला सुर्खियों में आते ही विभागीय लिखापढ़ी पर प्रदेश सरकार ने 22 तक की तिथि बढ़ाकर किसानों को राहत देने का फैसला किया। इस संबंध में किसान धीरेंद्र यादव ने कहा कि वह दो सप्ताह से लगभग 60 कुंतल का टोकन कटाकर गेहूं नहीं बेच सके थे तिथि बढ़ने पर समर्थन मूल्य 1950 की दर से वह बेच सकेंगे। किसान जेपी मिश्र ने बताया कि अंतिम तिथि मंगलवार तक वह केंद्रों का चक्कर लगाया लेकिन भीड़ अधिक होने से उन्हें मायूसी हाथ लगी लेकिन सरकार की ओर से मिली राहत से वे अपना उत्पाद क्रय केंद्र पर बेंच सकेंगे। किसान पं. दीनानाथ शुक्ल ने दावा किया कि सरकार इसी तरह किसानों के हक-अधिकार और मिलने वाली सुविधाओं के प्रति सचेत रहे तो आने वाले समय में काफी राहत मिल सकती है। कि सान भोलानाथ उपाध्याय ने कहा कि एक सप्ताह से भाड़े के वाहनों पर गेहूं लादकर चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा। जिला विपणन अधिकारी एसके मिश्रा ने बताया कि टोकन लेने वाले शेष बचे प्रति किसान एक दिन में 50 क्विंटल तक अपने उत्पाद को क्रय करा सकेंगे। शुक्रवार और शनिवार को यह सीमा अधिक रहेगी। 26 केंद्रों में 19 को बंद कराकर सिर्फ पांच केंद्र से मंडी परिषद ककराही में खरीदारी करने का निर्देश कर्मचारियों को दे दिया गया है। खरीदारी में किसी तरह की मनमानी पर विभागीय निरीक्षक निगरानी रख रहे हैं।