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संस्कृत शिक्षा को मिले समान अधिकार

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शिक्षाविदों ने बुधवार को अकोढ़ा-रोही निवास पर पहुंच कर मानव संसाधन मंत्रालय से पुरस्कार प्राप्त वयोवृद्ध संस्कृत विद्वान आचार्य पं.आद्या प्रसाद त्रिपाठी बटर शास्त्री से आशीर्वाद लिया। शिक्षाविद और कांग्रेस पार्टी के जिला उपाध्यक्ष राजेश दुबे ने कहा कि मंत्रालय ने उचित समय पर बटर शास्त्री को पुरस्कृत किया है। कहा कि इससे न सिर्फ संस्कृत शिक्षा के प्रति लोगों में विश्वास बढ़ेगा बल्कि महत्व भी समझ में आएगा। बताया कि काशी-प्रयाग के मध्य स्थित छोटी काशी क्षेत्र के शास्त्री गौरव है। चिंता जताई कि जिले में डेढ़ दर्जन से अधिक छोटे-बड़े संस्कृत स्कूल-कालेज और महाविद्यालय हैं। उनकी दशा देखने से पता लगता है कि शासन-प्रशासन बटुकों को तराशने के लिए उन्हीं बदहाल पड़े भवनों से अलंकृत करना चाहता है। अब समय आ चुका है शिक्षाविद आवाज उठाकर सनातन धर्म कायम रखने के लिए संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने में कमी नहीं छोड़ेगा। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की तर्ज पर संस्कृत स्कूलों को अनुदान पर लेने, शिक्षकों के पद भरने, रखरखाव की मांग भी सरकार तक पहुंचाई जाएगी। इस मौके पर अशोक कुमार तिवारी, पं.नारायण दत्त त्रिपाठी, बबून गिरी, सभाजीत यादव, सुनील तिवारी, विनय त्रिपाठी आदि रहे।
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