महिलाओं को बांटी गई घुन लगी दाल। स्रोत स्वयं
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ज्ञानपुर। बच्चों के पोषण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर बांटे जाने वाले पुष्टाहार की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। जिम्मेदारों ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर खराब पोषाहार भेजना शुरू कर दिया है। गहरपुर आंगनबाड़ी केंद्र पर शनिवार को बांटे गए पोषाहार में घुनी हुई दाल देखकर खलबली मच गई। पोषाहार वितरण के दौरान कुछ महिलाओं ने विरोध भी जताया।
यह पहला मामला नहीं है। इसके पूर्व भी पोषाहार में गड़बड़ी सामने आ चुकी है। जिले में कुल 1496 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होते हैं। इनमें छह वर्ष तक के एक लाख 25 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। छोटे बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं के पोषण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से हर महीने पोषाहार दिया जाता है। इसमें दलिया, चने की दाल, मीठा तेल दिया जाता है। अगस्त महीने का पोषाहार विभाग की तरफ से आंगनबाड़ी केंद्रों को उपलब्ध कराया गया। इसका शनिवार को वितरण शुरू हुआ तो दाल घुनी हुई निकली। ज्ञानपुर के गहरपुर समेत आसपास के कई केंद्रों पर यह ऐसी लापरवाही सामने आ गई है। इसे लेकर बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में हलचल बढ़ गई है। अब सवाल उठना लाजिमी है कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण के लिए ऐसा खाद्य पदार्थ दिया जाएगा, तो उनकी सेहत सुधरेगी या और बिगड़ेगी।
बच्चों के पोषण को लेकर भले ही सरकार तमाम प्रयास कर रही है लेकिन जिले में सैम और मैम बच्चों की संख्या में कोई खास कमी नहीं हो रही है। हर महीने होने वाले वजन दिवस में पांच से छह हजार मैम और सैम बच्चे चिह्नित किए जाते हैं। जिनको जिला अस्पताल ज्ञानपुर में पोषण पुनर्वास केंद्र पर भेजा जाता है लेकिन उदासीनता के कारण यहां भी गिने-चुने बच्चे ही पहुंच पाते हैं। 10 बेड के पोषण पुनर्वास केंद्र के तीन से चार बेड ही भर पाते हैं।