पश्चिमी विक्षोम के असर से चक्रवाती परिसंचरण बनने के कारण बृहस्पतिवार को मौसम का मिजाज अचानक से बदला। सुबह आसमान में काले बादल छाए दिखे। वहीं बादलों की लुकाछिपी पूरे दिन चलती रही। शाम होते पछुआ हवा का प्रभाव बढ़ने से ठंड का अहसास हुआ। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा।
जिले में बीते दो सप्ताह से दोपहर के समय तेज धूप का असर बना हुआ था। स्थिति यह थी कि दोपहर के समय लोग बाहर निकलना उचित नहीं समझ रहे थे। छांव में अगर थोड़ी देर बैठ जाए तो ठंड का अहसास होता। अगर बाहर बैठे तो, थोड़ी ही देर में धूप उन्हें परेशान करने लगती। पश्चिम विक्षोभ के असर के कारण चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। जिससे मौसम का मिजाज बृहस्पतिवार को अचानक बदला। फरवरी में सुबह के वक्त पहली बार आसमान में बादल छाए दिखे। सुबह के वक्त ऐसा लगा कि बारिश की स्थिति बन सकती है। हालांकि नौ बजे के बाद आसमान साफ हुआ, लेकिन बादलों की लुकाछिपी का खेल दिनभर चलता रहा। रोज की अपेक्षा धूप का असर भी कम रहा। बदले मौसम के बीच कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि यदि तेज हवा के साथ बारिश होती तो सरसों के फसल के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है, क्योंकि अगेती सरसों की कटाई करने में किसान जुट गए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि पश्चिमी विक्षोम के सक्रिय होने के कारण मौसम में बदलाव आया। बृहस्पतिवार को दिन का तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रात का तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे ठंड में हल्की वृद्धि हो सकती है, क्योंकि शाम होते पछुआ हवा तेजी गति से चलने लगी।