ज्ञानपुर। यास चक्रवात का असर कालीन नगरी में शुक्रवार को भी दिखा। पूरे दिन बारिश होती रही। इससे नगरीय इलाकों में साफ-सफाई की पोल खुल गई। कई मोहल्लों में जलजमाव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। सुरियावां में जलजमाव नहीं होने के कारण बाईपास पर जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने पर नागरिकों ने प्रदर्शन किया। दो दिनों में 50 मिमी बारिश दर्ज की गई।
अरब सागर से उठे ताउते तूफान के कारण 18 से 20 मई तक जिले में जमकर बारिश हुई। इस दौरान खेतों में लबालब पानी भर गया और तेज हवाओं के कारण कई पेड़ उखड़ गए। अभी ताउते के कहर से लोग उबर नहीं पाए थे कि बंगाल की खाड़ी से बने यास चक्रवात ने लोगों को परेशान कर दिया। बुधवार दिन में ही आसमान में बादल छाए गए थे। बृहस्पतिवार के बाद शुक्रवार की सुबह से ही जिले में रूक-रूककर हो रही बारिश शुक्रवार को भी नहीं थमी। कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश हुई। इससे ज्ञानपुर नगर के पुरानी कलेक्ट्रेट, प्रोफेसर कॉलोनी, कुवंरगंज, भदोही के स्टेशन रोड, लिप्पन तिराहा, गोपीगंज के सदर मोहाल, खरहट्टी मोहाल आदि मोहल्लों में जलजमाव हो गया। इससे आवागमन में लोगों को काफी परेशानी हुई। पिच सड़कें भी कीचड़ से सन गई।
सुरियावां से बहुता चकडाही होते हुए कटवार मार्ग पर कीचड़ फैलने से कई बाइक सवार गिरकर चोटिल हो गए। ग्रामीण अंचलों में कच्ची सड़के चलने लायक नहीं रही। साइकल और बाइक सवार फिसलकर गिरते रहे। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि तेज बारिश न होने से सब्जी की फसलों को नुकसान नहीं होगा। धान की नर्सरी के लिए यह बारिश ठीक है। हवा न चलने से जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। दो दिनों में 50 मिमी बारिश दर्ज की गई। ताउते और यास को मिलाकर अब तक मई में रिकार्ड 190 मिमी बारिश हो चुकी है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने कहा कि यास का असर 30 मई तक संभावित है, लेकिन 29 मई को तेज बारिश होने का अनुमान है।
नगर के बाइपास से पाली जाने वाले मार्ग पर जलजमाव को लेकर नागरिकों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। नागरिकों ने आरोप लगाया कि बाइपास पर जल निकासी की व्यवस्था न होने से बाइक सवार आए दिन गिरकर चोटिल होते हैं। नगर के दीपांकर सिंह, दिनेश यादव दादा, अमन वर्मा, रविंद्र गौतम ने कहा कि जल जमाव की यह समस्या बीते 15 दें से बनी हुई है। शिकायत के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। अधिशासी अधिकारी सोनल जैन ने कहा कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से वहां पर जलजमाव बना हुआ है। जल निकासी के लिए लगी पुरानी पाइप जाम हो चुकी है। उसे शीघ्र सही कराया जा रहा है।