डीएम की पहल पर अन्य अफसरों ने बारी-बारी से फावड़ा चलाया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण पर ध्यान न देने पर लगातार जल स्तर नीचे खिसकता जा रहा है।
मनरेगा के तहत खोदे गए तालाबों को बेहतर बनाकर उसमें बारिश का पानी संचयित किया जाए। जलस्तर बनाए रखने के लिए जल संचयन जरूरी है। मानव जीवन के लिए जल महत्वपूर्ण है।
जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री के सपनों को पूरा करने के लिए सभी को साथ आने की जरूरत है। डीएम ने गांव में फावड़ा चलाकर गड्ढ़े की खुदाई की।
उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों को अब 161 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलेगी। 15 से 20 दिन के अंदर उनके खाते में मजदूरी चली जाएगी। डीएम ने इस दौरान मजदूरों को रुमाल भेंट की।
डीएम के निर्देश पर श्रम विभाग की ओर से 100 मजदूरों को साइकल वितरित की गई। इसके पूर्व ग्राम प्रधान शिवभूषण उपाध्याय ने शाल भेंटकर जिलाधिकारी को सम्मानित किया।
ग्राम प्रधान ने बरजी कला गांव को डीएम से गोद लेने के लिए आग्रह किया। इस मोके पर सीडीओ आरपी मिश्रा, डीपीआरओ रामआसरे दूबे, डीडीओ, परियोजना निदेशक सहित कई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
भोजपुरी गायक राजेश परदेशी ने गीतों के जरिए मुख्यमंत्री की योजना का बखान किया। इस मौके पर मानिक चंद्र दूबे, बड़ेलाल उपाध्याय, कमलाशंकर, ओम प्रकाश, कृष्णाशंकर, मानिकचंद्र, फूलचंद्र, जय प्रकाश, लालजी मिश्रा, रामजी, बटुकनाथ आदि मौजूद रहे।