ज्ञानपुर। जल संरक्षण को लेकर सरकार गंभीर है। तालाबों की खुदाई और वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से जल संचयन किया जा रहा है, लेकिन जिले में जल जीवन मिशन के कनेक्शनों से टोटियां गायब होने के कारण प्रतिदिन सात से आठ घंटे में करीब ढाई लाख लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। कनेक्शनों में टोटियां न होने के पीछे दो कारण बताए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर कार्यदायी संस्थाओं ने टोटियां नहीं लगाई हैं, जबकि कुछ जगहों पर अराजकतत्व उन्हें उखाड़ ले गए हैं।
शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 में जल जीवन मिशन की शुरुआत की थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में तीन चरणों में 399 परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ। धीरे-धीरे छह वर्ष बीत गए। इनमें से 160 परियोजनाओं में टंकियों के माध्यम से तथा 50 में सीधे पंप से पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि शेष 189 परियोजनाओं को पूरा करने में कार्यदायी संस्थाएं लगी हैं।
अब तक दो लाख 79 हजार 780 लोगों को कनेक्शन दिया जा चुका है। मिशन की परियोजनाएं पहले से ही विलंबित चल रही हैं। बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने औराई के ठेगीपुर, अमवां, बाबूसराय, अभोली के गौरा, अर्जुनपुर तथा चौरी के वेदमनपुर गांवों में पड़ताल की। इसमें सभी गांवों में दो से तीन कनेक्शनों से टोटियां गायब मिलीं।
प्रतिदिन सुबह पांच से 10 बजे तक और शाम चार से सात बजे तक पानी की आपूर्ति की जाती है। ग्रामीण पानी भरकर चले जाते हैं और टोटियां न होने के कारण पानी गिरकर बर्बाद होता रहता है। कितने कनेक्शनों में टोटियां नहीं हैं, इसका कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। हालांकि 50 स्थानों पर टोटियां नहीं होने से पानी बहने की बात कही गई है।
हुसैनीपुर जल जीवन मिशन के ऑपरेटर संतोष सिंह ने बताया कि पानी की बर्बादी टोटी के प्रेशर और उसके खुले होने की स्थिति पर निर्भर करती है। यदि बूंद-बूंद पानी टपकता है तो आठ घंटे में 29 लीटर, पतली धार होने पर 120 लीटर, आधी खुली होने पर 2,880 लीटर और टोटी पूरी तरह न होने पर आठ घंटे में 4,100 लीटर पानी बर्बाद हो सकता है। यदि 50 कनेक्शनों में टोटियां नहीं हैं तो दो लाख लीटर और 100 कनेक्शनों में टोटियां न होने पर यह आंकड़ा चार लाख 10 हजार लीटर तक पहुंच सकता है। 150 कनेक्शनों पर यह सात लाख लीटर तक पहुंच सकता है।
औराई के ठेगीपुर गांव में विद्यालय के समीप जल जीवन मिशन का कनेक्शन है। टोटी न होने से प्रतिदिन पानी बर्बाद होता है। पानी फैलने से वहां कीचड़ हो जाता है।
अभोली के गौरा गांव में कनेक्शन की टोटी गायब है। इससे सुबह-शाम पानी की आपूर्ति होने पर पानी गिरकर बर्बाद हो जाता है। पानी बहने से आसपास कीचड़ हो गया है।
औराई के बाबूसराय में जल जीवन मिशन के कनेक्शन पर टोटी नहीं लगी है। इससे प्रतिदिन सैकड़ों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है।
सरकार जल संरक्षण की मुहिम चला रही है। ऐसे में टोटी न होने से सैकड़ों लीटर पानी की बर्बादी को रोकने की जरूरत है।
- सत्य प्रकाश, बाबूसराय
जल जीवन मिशन की परियोजना लंबे समय से अधूरी है। टोटी न लगने से पानी की बर्बादी हो रही है। संस्थाएं इसे लगवा नहीं रही हैं। - सर्वेश, ठेगीपुर
कनेक्शन में टोटी नहीं लगी है। इससे जलापूर्ति होने पर पानी बर्बाद होता है। पिछले एक माह से पानी ही नहीं आ रहा है।
- रामरतन, गौरा
कनेक्शन में टोटी लगना जरूरी है। प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद होता है। इस पर रोक लगनी चाहिए। - श्याम विश्वकर्मा, गौरा
एक नजर में जल जीवन मिशन
कुल परियोजनाएं : 399
अब तक पूर्ण : 160
पंप से सीधे आपूर्ति : 50
अधूरी परियोजनाएं : 189
कुल कनेक्शन : 2.79 लाख
जल जीवन मिशन में पहले पीतल की टोटियां लगाई गई थीं। चोरी होने के बाद प्लास्टिक की टोटियां लगाई गईं। कुछ लोग पाइप लगाने के चक्कर में टोटियां हटा देते हैं। इसकी निगरानी कनेक्शनधारक को करनी चाहिए। जहां-जहां टेस्टिंग चल रही है, वहां टोटियां नहीं लगी हैं। कार्यदायी संस्था से कहकर उन्हें लगवाया जाएगा। - राजबली, प्रभारी एक्सईएन, जल निगम