ज्ञानपुर। ग्राम पुलिस चौकीदार और चौकीदार अधिकार मोर्चा के बैनरतले बृहस्पतिवार को चौकीदारों ने हुंकार भर कर हक-अधिकार मांगा। समस्याओं संबंधित मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपकर उनकी आवाज शासन तक पहुंचाने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि 158 वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें न तो समूह घ का कर्मचारी माना जा रहा है और न राज्य कर्मचारी की सुविधाएं दिलाने का प्रयास पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। जबकि कर्मचारी सेवा नियमावली 1985 के तहत उत्तर प्रदेश शासन फरमान भी जारी कर चुका है लेकिन विभागीय उपेक्षा के चलते उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है। अध्यक्ष कन्हैयालाल ने कहा कि पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी आए दिन उनकी सेवा लेकर प्राथमिक सूचनाओं सहित अन्य कार्य कराए जा रहे हैं बावजूद उनकी उपेक्षा समझ से बाहर है। अब वह अपने हक और अधिकार की लड़ाई के लिए स्वयं एकजुट होना पड़ेगा। वर्दी, साफा, बेल्ट, बिल्ला, जूता, साइकिल, टार्च, बढ़े वेतनमान की सुविधाओं के प्रति शासन-प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई तो वह सड़क से सदन तक की लड़ाई लड़ने के लिए विवश होंगे। इस मौके पर नन्हे लाल यादव, मेहीलाल, रामप्यारे, गौरीशंकर सहित दर्जनों की संख्या में चौकीदार शामिल रहे।