गोपीगंज में गढ्ढ़ा खोद कर हटाया जा रहा दुषित पानी। संवाद
गोपीगंज। नगर के वार्ड संख्या नौ पश्चिम मोहाल में पिछले छह महीने से सड़क पर नाली का पानी बह रहा था। स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बावजूद नगर पालिका ने कोई स्थायी समाधान नहीं किया।
आगामी पर्व को देखते हुए जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद आनन-फानन में अस्थायी व्यवस्था की गई है। पानी के लिए पाइप के सहारे एक गड्ढे में एकत्रिक कर थाने के सामने स्थित जोगीवीर तालाब में छोड़ा जाएगा।
वार्ड संख्या नौ पश्चिम मोहाल में नाली ओवरफ्लो होने से प्रदूषित पानी सड़क पर जमा हो रहा था। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही थी। व्यापार मंडल के लोगों ने आगामी पर्वों को देखते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की।
जिलाधिकारी ने बृहस्पतिवार को पुलिस चौकी पर व्यापारियों के साथ बैठक की। इस बैठक के बाद प्रशासन की सक्रियता बढ़ी। जिलाधिकारी के मौके पर निरीक्षण की संभावना की खबर मिलते ही नगर पालिका के कर्मचारी हरकत में आ गए। नगर पालिका ने नाली के पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए पालिका कर्मचारियों ने सड़क काटी।
उन्होंने करीब छह इंच मोटा पाइप लगाया। सड़क के दूसरी तरफ वार्ड संख्या दस में दिवंगत प्रमोद कुमार जायसवाल की निजी जमीन पर एक गड्ढा खोदा गया। गड्ढे में एक मोटर लगाई गई। इस मोटर से प्रदूषित पानी को पुलिस थाने के सामने स्थित जोगीवीर तालाब में भेजा गया।
इस व्यवस्था से फिलहाल सड़क पर गंदा पानी बहने की समस्या से कुछ राहत मिली है। स्थानीय शिवशंकर गुप्ता, रोहित मोदनवाल, सुरेश उमर वैश्य, रामचन्द्र गुप्ता, विकास जायसवाल आदि ने कहा कि जिलाधिकारी के हस्तक्षेप से व्यवस्था बनी है, लेकिन स्थायी समाधान चाहिए।