अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा ने जिले में निवासरत गोंड समाज को अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाणपत्र निर्गत न होने पर नाराजगी व्यक्त की है। जिलाध्यक्ष महेन्द्र कुमार गोंड ने बताया कि इसको लेकर शासनादेश पहले से ही जारी कर दिया गया है। इसके बाद भी अब तक जिला प्रशासन गोंड समाज को छुआछूत पेशेगत को आधार मानकर आज तक अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र जारी नहीं कर सका है। तीनों तहसीलों की ओर से इसको लेकर समाज के लोगों का शोषण किया जा रहा है। बताया कि आठ जुलाई को जिला प्रशासन के साथ प्रस्तावित वार्ता का अगर ठोस आधार नहीं निकला तो वे पूरे समाज के साथ प्रदर्शन को बाध्य होंगे।