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Bhadohi News: किताब खोजते-खोजते रास्ता भटके हर्ष तो मिली क्रिकेट की पिच

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क्रिकेटर हर्ष दुबे को मेडल पहनाते गौतम गंभीर। स्रोत स्वयं
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अवनीश दुबे , गोपीगंज। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से वार्षिक पुरस्कार में बेस्ट हरफनमौला खिलाड़ी के साथ रणजी क्रिकेट के एक सीजन में सबसे अधिक विकेट लेकर सम्मानित होने वाले गोपीगंज के तिलंगा गांव निवासी क्रिकेटर हर्ष दुबे ने जनपद का मान बढ़ाया है।
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यशस्वी जायसवाल और शिवम दुबे के बाद वे जनपद के तीसरे उभरते सितारे बन रहे हैं। जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चमकने को तैयार हैं। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून किताब ढूंढ़ते-ढूढ़ते रास्ता भटक जाने पर मिला। उनके पिता सुरेंद्र दुबे ने बताया कि साल 2010 में उनका स्थानांतरण मुंबई से नागपुर हुआ था। हर्ष पिता के साथ सदर स्थित विजय बुक डिपो से कक्षा चार की किताब खरीदने गए थे। किताब लेकर वापस लौटते समय पिता-पुत्र रास्ता भटक गए और वे वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) ग्राउंड स्थित रूबी क्लब तक पहुंच गया। मैदान में क्रिकेट खेलते खिलाड़ियों को देखकर हर्ष की नजर वहीं ठहर गई। उसने भी खेलने की इच्छा जताई। इसके बाद वहीं, रूबी क्लब में उसका दाखिला करा दिया। यहीं से हर्ष के क्रिकेट प्रेम और जुनून की शुरुआत हुई। हर्ष ने कम उम्र में ही अपने खेल से सबका ध्यान आकर्षित करना शुरू कर दिया। सबसे पहले अंडर-13 प्रतियोगिता में उसे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का सम्मान मिला। इसके बाद उसका चयन विदर्भ की अंडर-14 टीम में हुआ। आगे चलकर अंडर-16 टीम में भी उसने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर उसका चयन नेशनल क्रिकेट अकादमी में हो गया।
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