गोपीगंज। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गरीबों, किसानों के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार पर करारा हमला बोला। कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उद्योगपतियों का एक लाख 10 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया। उतना ही कर्ज किसानों का भी माफ किया जाना चाहिए। अगर वह नहीं माफ कर सकते तो बताएं। कांग्रेस अगर केंद्र की सत्ता में आई तो 10 दिन के अंदर किसानों का कर्ज माफ करेंगे। वे बुधवार को यहां किसान रथयात्रा के दौरान गोपीगंज में आयोजित स्वागत सभा में बोल रहे थे।
गुलाबधर मिश्र इंटरमीडिएट कॉलेज के मैदान पर आयोजित स्वागत सभा में राहुल गांधी ने अपने 26 मिनट के भाषण में जनता से सीधे संवाद करने की कोशिश की।
नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से प्रधानमंत्री के चुनावी वायदों पर उन्हीं के अंदाज में अंगुली उठाते हुए पूछा कि चुनाव के दौरान उन्होंने जो वायदे किए, उनमें कोई पूरा हुआ। सभी के खाते में 15 लाख रुपये आए? दो करोड़ युवाओं को रोजगार मिला। फिर खुद ही जवाब भी दिया... कहा कि कुछ नहीं हुआ। जनता के जिस भरोसे पर मोदी जी जबर्दस्त जीत हासिल की, सत्ता में आए, उन्होंने उसकी इज्जत नहीं की। वह मेरे भी प्रधानमंत्री हैं, लेकिन मुझे दुख तब होता है, जब एक प्रधानमंत्री देश की जनता से किए गए वायदे को पूरा नहीं करता।
कहा कि इस भीड़ में बहुत से किसान होंगे, उनके दिल की घबराहट और मन के दर्द को समझने के लिए ही कांग्रेस ने यह यात्रा शुरू की है। कहा कि देश के दबे-कुचले करोड़ों लोगों को मोदी जी भूल गए हैं। उनका ध्यान जिनके पास सबकुछ है, ऐसे केवल 14-15 लोगों पर है। हमारी किसान यात्रा का उद्देश्य यही है कि मोदी जी किसानों की कठिनाई को समझें, उनके लिए कुछ करें। लेकिन, वह यह तभी समझ सकते हैं, जब गरीब किसानों के घर में जाएं। थोड़ा समय किसानों को भी दें। उन्हें वीआईपी नहीं आम आदमी की तरह गरीब किसान के घर जाना होगा।
कहा कि मोदी ने पिछले दिनों कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार को मिटा दिया। फिर मौजूद जनता से हामी भरवाते हुए कहा कि क्या कोई एक व्यक्ति यह मान सकता है कि भ्रष्टाचार खत्म हो गया। नहीं न...लेकिन, मोदी जी ऐसा मानते हैं। इसका मतलब है कि कहीं न कहीं उनका जनता से कनेक्शन फेल है या फिर किसी की रक्षा की जा रही है। यह तभी होता है जब प्रधानमंत्री आमजन से कटकर बड़े ब्यूरोक्रेट्स और उद्योगपतियों की सुनने लगता है।
राहुल ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसान अपने खेत में पैदा हुई दाल को बेचने जाता है तो उसे 40 रुपये प्रति किलो मिलते हैं, लेकिन 10 मिनट बादवही किसान उसी दूकान से दाल खरीदने जाता है तो उसे 200 रुपये देने पड़ते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को समझाया है कि किसानों के घर जाओ और उनसे नाम, पता और कर्ज की धनराशि पता करने के लिए फार्म भरवाओ। हम उसे लेकर मोदी जी के पास दिल्ली जाएंगे। कहा कि मोदी सरकार किसानों का कर्ज माफ, बिल हाफ और समुचित समर्थन मूल्य देने में पैसे न होने की बात कहकर असमर्थता जताती है तो हम आपको बताना चाहते हैं कि हमारी सरकार आई तो 10 दिन के अंदर किसानों का कर्ज माफ करेंगे। पैसे की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने यूपीए शासन के कार्यकाल का बखान करते हुए कहा कि यूपीए शासन में कच्चे तेल की कीमतें 140 डॉलर प्रति बैरल थी, लेकिन अब 40 डॉलर के आसपास हैं। पेट्रोलियम खरीदने के लिए पैसे तिजोरी में पड़े हैं। सरकार उसे चुपके से उद्योगपतियों को देना चाहती है। कहा कि हमने जो वायदे किए, उसे पूरा किया, लेकिन मोदी सरकार ने कोई वायदा पूूरा नहीं किया। रिकार्ड देखकर फैसला करें।