सुरियावां। विकास खंड के तुलापुर बहादुरान के ग्रामीण और मनरेगा मजदूरों ने मंगलवार को फावड़ा, तगाड़ी लेकर सुरियावां ब्लॉक पर मनरेगा मजदूरी के लिए प्रदर्शन किया। प्रार्थनापत्र बीडीओ को देकर प्रशासक, रोजगार सेवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कहा कि दोनों की लापरवाही से उन्हें मजदूरी नहीं मिल सकी।
मजदूर मनोज कुमार, राजनाथ ने आरोप लगाया कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के दौर में आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार मनरेगा को बढ़ावा दिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गत दिनों अभियान चलाकर लॉकडाउन में फंसे लोगों के नाम पर जाबकार्ड जारी कर काम भी कराया लेकिन जब मजदूरी देने का समय आया तब ब्लॉक में तैनात कर्मचारियों की उपेक्षा शुरु हो जाती है। लगभग दो माह तक कार्य किया गया जिसके एवज में मजदूरी अभी तक खाते में नहीं आ सकी। कुछ ऐसे भी मजदूर है जिनको कार्य देने में हीलाहवाली की जा रही है। महामारी के कारण कई ऐसे परिवार परदेश छोड़कर गांव में डेरा डालकर मजदूरी से परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और कार्य करने वाले मजदूरी का इंतजार कर रहे हैं। जिम्मेदारों से जब मजदूरी आने का सवाल होता है तब बैंक जाने की नसीहत दी जाती है और जाने पर मजदूर बिना मजदूरी लिए वापस होने को मजबूर होते हैं जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मजदूरी न पाने से आहत शिवकुमारी, ललिता देवी का दर्द रहा कि मजदूरी न मिलने से उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। प्रदर्शन करने वालों में वंशलाल, बिंदुलाल, नगीना देवी, पप्पू, मीनु, हंसरजी देवी, बाबूलाल, मैनेजर, राजनाथ, मोहन, सुरेखा, महिमा, राहुल, सुनीता देवी, बबीता देवी, खेतल, मुंसी, पंचम, दिलीप आदि रहे। प्रभारी बीडीओ जयकेश त्रिपाठी ने कहा कि मानदेय से वंचित मजदूरों के मामले में जांच कराकर भुगतान कराया जाएगा।