ज्ञानपुर। लोकसभा चुनाव के मतदान में गर्मी का असर दिखा। पारा 42 डिग्री से ज्यादा होने से मतदाताओं का उत्साह ठंडा दिखा। मतदान की रफ्तार भी उम्मीद के हिसाब से धीमी रही। सुबह सात से दस बजे के बीच बूथों पर लंबी कतारें दिखीं, जो दोपहर होते-होते सिमट गईं। पोलिंग बूथों पर सन्नाटा पसर गया। मतदान कर्मी और सुरक्षाकर्मी ही टहलते दिखे। फिर शाम चार से छह बजे के बीच बाकी मतदाता वोट डालने पहुंचे। चुनाव आयोग के निर्देश पर चलाए गए व्यापक मतदाता जागरूकता अभियान का असर भीषण गर्मी और आसमान से बरसती आग में हवा होता दिखा। हालांकि बूथों पर सुबह करीब साढ़े छह बजे से ही मतदाताओं ने पहुंचना शुरू कर दिया। वोटिंग शुरू होने से पहले ही लंबी-लंबी कतारें लग गईं थीं। निर्वाचन विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक सुबह सात बजे तक 12.81 फीसदी वोटिंग हुई। इसके बाद नौ बजे तक वोटिंग प्रतिशत 25.53 फीसदी तक पहुंच गया। दोपहर 11 बजे वोटिंग 35.38 फीसदी पहुंचा। हालांकि इसके बाद तपती धूप का असर मतदान पर दिखने लगा। अगले दो घंटे में केवल साढे छह फीसदी मतदान हो सका और एक बजे तक 42.42 फीसदी वोटिंग हुई। हालांकि पांच बजे की रिपोर्ट के मुताबिक वोटिंग 50.69 तक पहुंचा, लेकिन शाम छह बजे तक हुई वोटिंग में पोलिंग 53.09 फीसदी ही हो सका, जो बीते साल हुए 57.7 फीसदी मतदान से करीब चार फीसदी कम रहा। चुनाव के दौरान गर्मी के कारण मतदाताओं में उत्साह की कमी जरूर नजर आई। तमाम बूथों पर छाया के प्रबंध नहीं होने के बावजूद मतदाता लाइनों में खड़े अपनी बारी का इंतजार और गमछों के सहारे धूप से बचने का प्रयास करते रहे। ग्रामीण इलाकों में मतदान केंद्रों पर छाया पानी के इंतजाम ठीक होने के कारण वोटर थोड़ा सुकून महसूस कर रहे थे। शहरी इलाके के मुस्लिम बहुल इलाकों में वोटिंग को लेकर थोड़ा उत्साह दिखा। जिसके चलते मतदान का प्रतिशत अन्य बूथों के मुकाबले कुछ ज्यादा रहा।