जिले में 12 जुलाई को पौधरोपण अभियान के तहत 12.44 लाख पौधे रोपे गए। मंत्री सहित जनप्रतिनिधि के पौधों को सुरक्षा मिल गई है। उनकी सिंचाई भी की जा रही है। वहीं बाबूसराय हाईवे के किनारे जनता के पौधे मवेशी खा रहे हैं। उन्हें न टी-गार्ड मिला है न तो उनकी सिंचाई के लिए पानी का इंतजाम किया गया है।
मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी की की टीम ने विभिन्न स्थानों पर दो दिन पहले रोपे गए पाैधों की हकीकत को देखा। ज्ञानपुर के हाॅस्टल मैदान में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, विधायक, जिलाधिकारी, एसपी सहित अन्य वीआईपी के पौधे ट्री गार्ड में दिखे। उन्हें पानी भी दिया जा रहा है। वहीं मोढ़ के सराय गांव में पौधों की पत्तियां गिर गई हैं, केवल डंठल बचा है। इसी तरह नेवादा कला में पौधा टूट गया है। नगर पंचायत नई बाजार कार्यालय परिसर में रोपे गए पौधे को ट्री गार्ड से नहीं घेरा नहीं गया है। वाराणसी प्रयागराज हाईवे पर बाबूसराय बाजार के पूर्वी छोर पर 12 पौधे रोपे गए थे। इसमें दो पौधा सही है। छह पौधों को मवेशी चर गए। अन्य गिर गए हैं। बाबूसराय के कमाल हसन ने कहा कि पौधा लगाने के साथ ही उसकी सुरक्षा जरूरी है। डंगहर के रामबली पांडेय ने कहा कि पौधों की रोपाई के साथ उसकी निगरानी भी जरूरी है। वृहद पौधरोपण अभियान न चलाया जाए, छोटे स्तर पर पौधा लगाए जाए। जो पौध लगाए जाए, उसे संरक्षित किया जाए। इससे हरियाली बढ़गी।
ज्ञानपुर। जिले में तीन लाख पौधों की हरितमा एप पर जिओ टैंगिंग की जा चुकी है। पौधरोपण के बाद सभी विभाग तेजी से जिओ टैंगिंग कार्य में जुटे हैं। इसकी मॉनिटरिंग शासन स्तर से किया जा रहा है। एक महीने में सभी विभागों को शत-प्रतिशत जिओ टैकिंग की जानी है। पौधों को सूखने से बचाने और उनके संरक्षण के लिए जिओ टैगिंग की जा रही है। विभाग में इसमें कितना सफल होती है। यह आने वाले समय में पता चलेगा।
पौध रोपण के दूसरे दिन का यह हाल है कि पौधा सूखने लगा है। यह पौधा कैसे जिंदा रहेगे। 12 लाख लगाने से अच्छा है कि एक ही लाख लाए, लेकिन उसी सुरक्षा, सिंचाई का प्रबंध करे।
विवेक यादव, डीएफओ, भदोही ने कहा कि पौधों को लगाने के बाद सुरक्षा जरूरी है। विभाग की ओर से जो पौधे लगाए गए है, वे सही है। वीआईपी लोगों के पाैधे को ट्री गार्ड दे दिया गया है। अन्य पाैधों की घेरा बंदी की जा रही है। -