ज्ञानपुर। गंगा के तटवर्ती गांवों के निवासी और पेशे से किसानों के लिए फायदेमंद खबर है। उद्यान विभाग जिले से होकर बहने वाली गंगा के किनारे स्थित 47 गांवों को हरा-भरा करने जा रहा है। विभाग यहा बागवानी कराएगा। इससे न केवल गंगा की धारा अविरल होगी बल्कि किसान समृद्ध बनेंगे। और तो और बागवानी लगाने में जो खर्च आएगा उसका 50 फीसदी हिस्सा विभाग अनुदान के रूप में देगा। इसके लिए फरवरी के अंत तक आवेदन का समय रखा गया है। 19 किसानों ने आवेदन भी कर दिया है। डीघ ब्लाक के 36 और औराई ब्लाक के 11 गांव ऐसे हैं जो गंगा से सटे हैं। जिले में कुल 46 किलोमीटर तक गंगा हैं। इन गांवों में किसानों के उत्थान, गंगा की अविरलता के लिए नमामि गंगे योजना है। इस योजना के तहत गंगा से आठ किमी तक के गांवों में बागवानी लगायी जानी है। उद्यान विभाग के अनुसार योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गांवों के किसानों को जागरूक किया जा रहा है, जिससे ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ ले सकें। अभी 19 किसानों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। उद्यान अधिकारी ने बताया कि जो किसान पंजीकरण कराएंगे उन्हें 50 फीसदी अनुदान मिलेगा, ताकि वे अपनी बागवानी को ठीक से लगा सकें। इसके लिए किसानों को स्वयं से कलमी पौधे लगाने होंगे। कम से कम 0.2 हेक्टेयर और अधिकतम एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में एक किसान बागवानी लगा सकता है। उद्यान अधिकारी सुनील तिवारी ने बताया कि प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर किसानों को लाभ दिया जाना है। 15 लाख की लागत से 47 गांवों के 100 हेक्टेयर जमीन पर बागवानी लगाने का उद्देश्य है, लेकिन अभी तक 10 हेक्टयर पर पौधारोपण के लिए 19 किसानों ने पंजीकरण कराया है। बताया कि बागवानी लगाने में आने वाले कुल खर्च दो लाख 16 हजार में से 50 फीसदी अनुदान मिलना है। यह अनुदान तीन हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से तीन साल तक दिया जाएगा।