सुरियावां के पश्चिमी फाटक बंद होने से लगी भीड़। संवाद
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सुरियावां। उत्तर रेलवे के जंघई-वाराणसी रेल खंड पर जाम की समस्या दूर नहीं हो रही है। सोमवार को पश्चिमी फाटक का एक जर्जर बूम न उठने के कारण मुख्य ट्रैक पर जाम लगा रहा। तकनीकी कर्मचारियों ने गड़बड़ी दूर कर जाम में फंसे वाहनों को आगे बढ़वाया। सुबह लगभग 10.58 बजे डाउन काशी एक्सप्रेस को निकालने के लिए रेलकर्मी ने फाटक बंद किया। ट्रेन के पार होने पर रेल कर्मी फाटक खोलने लगे तो एक तरफ का बूम उठा लेकिन दूसरी ओर का बूम नहीं उठ सका। ऐसे में जाम लग गया जिससे लोग परेशान हो गए। जबकि प्रतिदिन सेक्शन में तैनात रेल अधिकारी फाटक, ट्रैक का निरीक्षण करते हैं। स्टेशन पर तैनात ईएसएम की जिम्मेदारी सिग्नल और फाटकों पर लगे उपकरणों के रखरखाव की होती है जो शिथिलता दिखाते रहते हैं। समाजसेवी जतन गुप्ता और विशाल ने बताया कि दो वर्ष बाद उत्तर रेलवे मंडल लखनऊ ने करोड़ों रुपये से दोपहरीकरण, विद्युतीकरण कराया है, लेकिन फाटकों पर लगे जर्जर बूमों को नहीं बदलवाया। धड़कन तब बढ़ती है जब एक बूम उठने पर पैदल, साइकिल, बाइक, चार पहिया वाहन से चलने वाले आगे बढ़कर मुख्य ट्रैक पर फंस जाते है। रवि, श्रीकांत, कृष्णकांत विश्वकर्मा, अजय कुमार, विनोद कुमार, रमाशंकर ने उच्चाधिकारियों से जर्जर बूमों को बदलवाकर आवागमन को सुचारू करने की मांग की। चेतावनी दी कि उपकरणों के रखरखाव में सुधार न आने पर डीआरएम लखनऊ से शिकायत की जाएगी। सेक्शन इंजीनियर केके मौर्या ने बताया कि रेल खंड पर जर्जर बूम को बदलने की प्रक्रिया चल रही है। बदलाव होने पर दिक्कतें बंद हो जाएंगी।