अभोली ब्लॉक के रामनगर गांव में रविवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर हैंडपंप से निकल रहे दूषित पेयजल की समस्या को दूर करने और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। कहा कि सांसद, विधायक, एमएलसी, ग्रामसभा, क्षेत्र और जिला पंचायत स्तर से गांव में दर्जनों की संख्या में इंडिया मार्का हैंडपंप की स्थापना तो करा दी गई, लेकिन उनकी देख-रेख कोई करने वाला नहीं है। हैंडपंपों की मरम्मत के नाम पर हर वर्ष धन की बंदरबांट कर ली जाती है। हैंडपंपों की स्थिति खराब है। हैंडपंपों से गंदा पानी आ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि करीब एक माह से बारिश का क्रम रुकने के बावजूद भी दूषित पेयजल से छुटकारा नहीं मिल सका है। बार-बार ग्रामसभा, ब्लॉक कार्यालय, जलनिगम से हुई शिकायतों का कोई असर न होने से अब बर्दाश्त करने की क्षमता ग्रामीण खोते जा रहे हैं। उदाहरण दिया कि दूषित पानी का इस्तेमाल करने पर गांव निवासी किशन पांडेय, जगदंबा प्रसाद पांडेय संक्रमित बीमारियों की चपेट में आकर 10 दिनों से अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। यहां तक कि पालतू पशु भी दूषित पानी को मुंह लगाने से भाग रहे हैं। अधिकारियों से मांग किया कि गांव का निरीक्षण कराकर समस्या को दूर कराने के लिए जब तक ओवरहेड टैंक का निर्माण नहीं करा दिया जाता तब तक विरोध की आवाज नहीं रुकेगी। विरोध-प्रदर्शन करने वालों में संतोष पांडेय, मनोज पांडेय, अमरधर दुबे, जगदंबा पांडेय, ज्ञानधर दुबे, रंगलाल पांडे आदि रहे। अधिशासी अभियंता जलनिगम मुजिब अहमद ने कहा कि बारिश के कारण जलस्रोत ऊपर होने से इस तरह की समस्या सामने आती है। विशेषज्ञों से ग्रामीणों की समस्या का निरीक्षण कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।