ज्ञानपुर। ब्लॉक के सरई राजपुतानी गांव के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को कोटेदार के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। डीएम को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि कई माह से गांव के लोगों को अनाज का वितरण नहीं किया जा रहा है। इससे कार्डधारकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीएम से जांच कर कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीण राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को 25 से अधिक की संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। कोटेदार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि गत तीन माह से गांव में अनाज का वितरण नहीं किया गया। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को खाने के लाले पड़ गए हैं। कई पात्र लोगों का नाम पात्र गृहस्थी कार्ड से भी काट दिया गया है। कार्डधारक अनाज लेने जाते हैं तो उन्हें गाली भी दी जाती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में डीएसओ कार्यालय में शिकायत की गई थी लेकिन जांच के नाम पर खानापूति की गई। डीएम से सक्षम अधिकारी से जांच की मांग की गई। प्रदर्शन करने वालों में जावेद अंसारी, अब्दुल कद्दूस, दल्लूराम, कल्लूराम, महेंद्र बिंद, रेहान अंसारी, भोलानाथ गौड़, राजकुमार गौड़ आदि रहे।
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सामान्य को बना दिया ओबीसी और एससी
ज्ञानपुर। डीघ विकास खंड के बनकट उपरवार गांव निवासी अशोक कुमार और बसंतलाल ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर पात्र गृहस्थी सूची की जांच कराने की मांग की। पत्रक में आरोप लगाया कि गांव में सामान्य वर्ग के लोगों को ओबीसी और एससी जाति में दिखाकर गड़बड़ी की गई है। गांव में करीब 50 से अधिक ऐसे लोगों का नाम जोड़ा गया है। दो अप्रैल 2016 की सूची में अशोक कुमार का नाम अंकित था लेकिन दूसरी सूची में उसके नाम को हटाकर सामान्य वर्ग को जोड़ दिया गया है। पात्र गृहस्थी की सूची में हेराफेरी की आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।