जिला पंचायत के खिलाफ मुख्यालय पर प्रदर्शन करते करवधिया के ग्रामीण। संवाद
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ानपुर। डीघ ब्लॉक के करवधिया गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर प्रार्थनापत्र एडीएम को सौंपा। चेतावनी दी कि जिला पंचायत के अधिकारियों ने गांव का निरीक्षण कर मुख्य मार्ग की समस्या का समाधान नहीं कराया तो आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा। पवन कुमार मिश्रा ने बताया कि उक्त गांव भदोही जिले के पश्चिमी छोर वाले नक्शे में अंतिम गांव के रूप में दर्ज है। गांव में हर वर्ग के लोगों की जनसंख्या लगभग 1500 से अधिक है। गांव में पहुंचने के लिए जिला पंचायत ने 2003 में अरई से करवधिया तक एक किलोमीटर तक सड़क का निर्माण कराया था। निर्माण के बाद से जिला पंचायत प्रशासन कभी यह नहीं जान सका है कि मार्ग की स्थिति क्या है। लोग मार्ग पर अनगिनत गड्ढे, बिखरीं गिट्टियों से आवागमन कर कटरा बाजार, सीतामढ़ी, हंडिया, बरौत, लसार, पंकज नगर, हाईवे तक पहुंचते हैं। गंगा का पानी बढ़ जाने से एक सप्ताह से मुख्य मार्ग लगभग चार फिट पानी की जद में आ चुका है जिससे पूरे गांव का आवागमन ठप है। मोइन अहमद ने बताया कि जब गंगा का पानी नहीं बढ़ा था तब वार्ड नंबर 18 के जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान से शिकायत कर मार्ग को ऊंचा कराने की मांग की गई लेकिन कोई आगे नहीं आया। बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं और किसी बीमार होने पर मरीजों को खटिया पर लादकर ले जाना विवशता बनी रहती है। गोरख मिश्रा ने बताया कि सांसद, विधायक से शिकायत करने पर सिर्फ आश्वासन मिलता है। कोनिया क्षेत्र की ओर प्रतिदिन अधिकारी आ-जा रहे है जिनकी नजर अंतिम गांव की ओर नहीं है। प्रदर्शन करने वालों में राजकुमार, संदीप कुमार, राहुल सरोज, आकाश मिश्रा, नजर अली, आदित्य त्रिपाठी, दीपक सरोज, कपिंजल निषाद, राजेश निषाद आदि रहे। एडीएम न्यायिक एसएन सिंह ने कहा कि ग्रामीणों ने प्रार्थनापत्र सौंपा है। समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
करवधिया मुख्य मार्ग पर भरा गंगा का पानी। संवाद- फोटो : BHADOHI